
सड़क हादसे में शालिनी की मौत के बाद आक्रोश, रावली रोड पर कई घंटे रहा जाम; पुलिस ने वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी के आधार पर कार्रवाई शुरू की
||TC24N|| फाईज़ अली सैफी
गाज़ियाबाद/मुरादनगर। थाना मुरादनगर क्षेत्र के रावली रोड पर सड़क हादसे में एक महिला की मौत के बाद जमकर हंगामा और प्रदर्शन हुआ। मृतका के परिजनों और स्थानीय लोगों ने महिला का शव सड़क पर रखकर रावली रोड को जाम कर दिया और साप्ताहिक पैठ बाजार (शनिवार बाजार) बंद कराने तथा पीड़ित परिवार को मुआवजा दिए जाने की मांग की। पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के दौरान करीब 40 से 50 अज्ञात महिला-पुरुष सड़क पर मौजूद थे। काफी प्रयास के बाद उच्चाधिकारियों के आश्वासन पर जाम खुलवाया जा सका। इस मामले में पुलिस ने सड़क बाधित कर प्रदर्शन करने के आरोप में 40 से 50 अज्ञात महिला-पुरुषों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी हैं। पुलिस का कहना हैं कि मौके की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई गई हैं और फुटेज के आधार पर प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान की जा रही हैं।
बेलोरो पिकअप की टक्कर से महिला की मौत का आरोप
प्राप्त तहरीर के अनुसार, जीतपुर निवासी कपिल कुमार ने थाना मुरादनगर में शिकायत देकर बताया कि उनकी पत्नी शालिनी शनिवार, 19 सितंबर 2026 की शाम करीब छह बजे घर का सामान लेने रावली रोड की ओर जा रही थीं। आरोप हैं कि इसी दौरान RJ-32GB-8264 नंबर की बोलेरो पिकअप तेज गति और लापरवाही से चलाई जा रही थी। तहरीर में आरोप लगाया गया हैं कि वाहन चालक समीम ने कथित रूप से नशे की हालत में वाहन चलाते हुए शालिनी को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद महिला वाहन के साथ काफी दूर तक घिसटती चली गईं। परिजन उन्हें उपचार के लिए यशोदा अस्पताल, गाज़ियाबाद लेकर पहुंचे, जहां उनकी मृत्यु हो गई। मृतका के पति की शिकायत पर पुलिस ने वाहन चालक के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर तहरीर प्राप्त की हैं। मामले में हादसे की परिस्थितियों और चालक की भूमिका की पुलिस जांच कर रही हैं।
हादसे के बाद रावली रोड पर शव रखकर प्रदर्शन
महिला की मौत की सूचना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। पुलिस के मुताबिक, रविवार को कुछ लोगों ने मृतका के परिजनों को समझाकर शव को रावली रोड पर रख दिया और सड़क पर प्रदर्शन करते हुए यातायात बाधित कर दिया। उपनिरीक्षक दीपक कुमार की ओर से दी गई रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस टीम गश्त एवं चेकिंग के दौरान रावली रोड स्थित यशवंत अस्पताल के पास पहुंची तो वहां बड़ी संख्या में लोग सड़क पर एकत्र थे। पुलिस के अनुसार, करीब 45 से 50 अज्ञात महिला एवं पुरुष सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सड़क खाली करने और यातायात सुचारू करने के लिए समझाने का प्रयास किया, लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक काफी समय तक प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे।
एंबुलेंस भी जाम में फंसने का पुलिस का दावा
पुलिस रिपोर्ट में कहा गया हैं कि प्रदर्शन के कारण रावली रोड पूरी तरह बाधित हो गई थी। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस के अनुसार, जाम में एंबुलेंस समेत कई वाहन फंस गए, जिससे मरीजों को अस्पताल पहुंचने में देरी होने की स्थिति उत्पन्न हुई। पुलिस का कहना हैं कि मौके पर शांति एवं यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए आसपास के थानों से भी पुलिस बल बुलाया गया। अधिकारियों द्वारा प्रदर्शनकारियों को समझाने और जाम समाप्त कराने का प्रयास किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक उच्चाधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़क खाली की और यातायात बहाल हो सका। पुलिस के अनुसार रावली रोड करीब दो से तीन घंटे तक प्रभावित रही।
साप्ताहिक पैठ बाजार बंद करने की मांग
प्रदर्शन के दौरान स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार की ओर से रावली रोड पर लगने वाले साप्ताहिक पैठ बाजार को बंद करने की मांग उठाई गई। पीड़ित पक्ष का आरोप हैं कि रावली रोड अपेक्षाकृत संकरी हैं और दोनों तरफ पैठ बाजार लगने के कारण सड़क पर जगह कम बचती हैं, जिससे यातायात प्रभावित होता हैं। पीड़ित पक्ष की ओर से भविष्य में इस स्थान पर पैठ बाजार नहीं लगाए जाने की मांग की गई हैं। प्रदर्शनकारियों ने महिला की मौत के मामले में कार्रवाई और परिवार को मुआवजा दिए जाने की मांग भी उठाई।
हिंदू युवा वाहिनी के पदाधिकारी भी प्रदर्शन में शामिल होने का दावा
स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, हिंदू युवा वाहिनी के पदाधिकारी आयुष त्यागी काकड़ा तथा संगठन से जुड़े अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी पीड़ित पक्ष के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए। बताया गया कि प्रदर्शनकारियों ने महिला का शव रावली रोड पर रखकर साप्ताहिक पैठ बाजार बंद कराने और पीड़ित परिवार को मुआवजा दिए जाने की मांग की। हालांकि, सड़क जाम से संबंधित दर्ज पुलिस रिपोर्ट में प्रदर्शन में शामिल लोगों में से किसी की व्यक्तिगत पहचान स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं की गई हैं। पुलिस का कहना हैं कि भीड़ अधिक होने के कारण मौके पर लोगों की पहचान नहीं हो सकी और अब वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी के माध्यम से उनकी पहचान की जा रही हैं।
एसीपी मसूरी ने क्या कहा?
एसीपी मसूरी सुनील कुमार ने बताया कि रावली रोड पर जाम लगाकर रास्ता बाधित करने के मामले में मुकदमा पंजीकृत किया गया हैं। उन्होंने बताया कि मौके की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई गई हैं। फुटेज के आधार पर करीब 40 से 50 अज्ञात महिला एवं पुरुषों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने साक्ष्य जुटाने शुरू किए
पुलिस की ओर से बताया गया हैं कि प्रदर्शन के दौरान की गई वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित किया गया हैं। संबंधित लोगों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि सड़क जाम और प्रदर्शन में कौन-कौन लोग शामिल थे। इस पूरे घटनाक्रम में एक ओर सड़क हादसे में महिला की मौत को लेकर पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों में आक्रोश हैं, वहीं दूसरी ओर सड़क बाधित कर यातायात रोकने के मामले में पुलिस ने अलग से कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी हैं। फिलहाल, पुलिस सड़क हादसे के मूल मामले के साथ-साथ रावली रोड पर हुए प्रदर्शन और जाम की घटना, दोनों पहलुओं पर आवश्यक कार्रवाई कर रही हैं।
Author: The Crime 24 News
Faiez Ali Saifi – Editor-in-Chief / Senior Journalist | Place: Ghaziabad, NCR, Uttar Pradesh, India
