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||TC24N|| फाईज़ अली सैफी
गाज़ियाबाद। पुलिस कमिश्नरेट गाज़ियाबाद की स्वाट टीम, क्राइम ब्रांच और थाना साहिबाबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया गया हैं। यह गिरोह बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोसेसिंग फीस, इंटरव्यू शुल्क और कमीशन के नाम पर ठगी कर रहा था। पुलिस ने छापेमारी के दौरान गिरोह के 20 आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, फर्जी दस्तावेज, बैंकिंग सामग्री और एक ऑडी कार बरामद की हैं।
पुलिस आयुक्त के निर्देशन में हुई कार्रवाई
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पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट गाज़ियाबाद जे. रविंदर गौड के निर्देशन में पुलिस उपायुक्त ट्रांस हिंडन के पर्यवेक्षण तथा अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) एवं सहायक पुलिस आयुक्त साहिबाबाद/अपराध के नेतृत्व में स्वाट टीम, क्राइम ब्रांच और थाना साहिबाबाद पुलिस ने 14 जुलाई 2026 को मुखबिर की सूचना पर दुर्गा इंडस्ट्रियल एरिया, राजेंद्र नगर स्थित एक अवैध कॉल सेंटर पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान कॉल सेंटर से नौकरी का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के 20 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपियों के विरुद्ध थाना साहिबाबाद में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही हैं।
ऐसे करते थे बेरोजगार युवाओं से साइबर ठगी
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प्रेस वार्ता में पुलिस उपायुक्त नगर/ट्रांस हिंडन धवल जायसवाल ने बताया कि मुख्य आरोपी अभिषेक जैन ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने “Jainson International” नाम से एक फर्म पंजीकृत कर रखी थी। फर्म का वास्तविक कारोबार मखाना व्यापार था, लेकिन इसी की आड़ में उसकी पत्नी हिना, मामा सुनील जैन, पीयूष जैन, आंचल जैन और सलीम के साथ मिलकर एक फर्जी कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था। गिरोह इंटरनेट से विभिन्न जॉब पोर्टलों जैसे Foundit.com और Naukri.com सहित अन्य वेबसाइटों से नौकरी तलाश रहे युवाओं का डेटा खरीदता था। इसके बाद डेटा को पेन ड्राइव में सेव कर कॉल सेंटर में काम करने वाली युवतियों को दिया जाता था। कॉल सेंटर के कर्मचारी बेरोजगार युवक-युवतियों को फोन कर आकर्षक नौकरी का झांसा देते थे और रजिस्ट्रेशन, प्रोसेसिंग, इंटरव्यू, कमीशन और अन्य शुल्क के नाम पर ऑनलाइन रकम जमा कराते थे। पैसे मिलने के बाद पीड़ितों से संपर्क तोड़ दिया जाता था।
फर्जी सिम और मोबाइल से संचालित होता था नेटवर्क
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पूछताछ में यह भी सामने आया कि कॉल सेंटर में कार्यरत कर्मचारियों को फर्जी पहचान के आधार पर लिए गए की-पैड मोबाइल फोन और सिम कार्ड उपलब्ध कराए जाते थे। इनकी व्यवस्था आरोपी सलीम करता था, जिससे ठगी के बाद आरोपियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता था।
एनसीआरपी पोर्टल पर पहले से दर्ज थीं 24 शिकायतें
पुलिस जांच में पता चला कि इस कॉल सेंटर के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर अब तक 24 शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस अन्य राज्यों में दर्ज शिकायतों और संभावित मामलों की भी जांच कर रही हैं। जांच एजेंसियां बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजैक्शन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही हैं।
भारी मात्रा में सामान बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से साइबर अपराध में प्रयुक्त बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की, जिनमें 12 लैपटॉप, 23 स्मार्टफोन, 14 की-पैड मोबाइल, 47 सिम कार्ड, 16 डेबिट कार्ड, 2 क्रेडिट कार्ड, 10 मुहर, 8 चेक बुक, 5 पासबुक, फर्जी आधार कार्ड और वोटर आईडी, 2 प्रिंटर, 12 पावर एडॉप्टर, 1 डोंगल, 7 पेन ड्राइव, 1 क्यूआर कोड स्कैनर और 1 ऑडी कार शामिल हैं।
मुख्य आरोपी समेत 20 गिरफ्तार
पुलिस ने इस कार्रवाई में मुख्य आरोपी अभिषेक जैन, पीयूष जैन, हिना पंवार, आंचल जैन, चिंटू कुमार, आकांक्षा, ज्योति, वर्षा, सीमा, मुस्कान, कविता, विनीता मेहरा, शालिनी, निशा, गीतांजली, पूजा, कंचन, रोहिणी, प्रिया सिंह और तन्नू सिंह सहित कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया हैं।
साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी सफलता
गाज़ियाबाद पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के विरुद्ध बड़ी सफलता माना जा रहा हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना हैं कि गिरोह के बैंक खातों, आर्थिक लेन-देन, अन्य सहयोगियों और नेटवर्क की गहन जांच की जा रही हैं। संभावना हैं कि पूछताछ में कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की हैं कि नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था को रजिस्ट्रेशन, प्रोसेसिंग या इंटरव्यू फीस के नाम पर ऑनलाइन भुगतान न करें। किसी भी संदिग्ध कॉल या साइबर ठगी की सूचना तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज कराएं।
Author: The Crime 24 News
Faiez Ali Saifi – Editor-in-Chief / Senior Journalist | Place: Ghaziabad, NCR, Uttar Pradesh, India








