गाज़ियाबाद पुलिस की बड़ी कामयाबी: मोबाइल टावरों से करोड़ों की चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, 3 गिरफ्तार

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

||TC24N|| फाईज़ अली सैफी

गाज़ियाबाद। पुलिस ने मोबाइल टावरों से महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की हैं। स्वाट टीम, अपराध शाखा और थाना ट्रोनिका सिटी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन शातिर अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से विभिन्न राज्यों से चोरी किए गए लगभग एक करोड़ रुपये मूल्य के मोबाइल टावर उपकरण तथा वारदात में प्रयुक्त बीएमडब्ल्यू कार बरामद की गई हैं। पुलिस के अनुसार, बुधवार को ट्रोनिका सिटी क्षेत्र में मोबाइल टावर से रिमोट रेडियो यूनिट (RRU) चोरी करते समय तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ और उनकी निशानदेही पर पुलिस ने 20 रिमोट रेडियो यूनिट (RRU), 7 बेसबैंड यूनिट (BBU), एक रेडियो रिसीवर यूनिट चेकिंग मशीन, चोरी में प्रयुक्त उपकरण और एक सफेद रंग की बीएमडब्ल्यू कार (DL 7CR 9911) बरामद की।

देशभर में फैला था गिरोह का नेटवर्क

जांच में सामने आया कि यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर, गाज़ियाबाद, हरियाणा, पंजाब, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में मोबाइल टावरों को निशाना बनाता था। आरोपी टावरों से महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चोरी कर उनकी खरीद-फरोख्त करते थे। पुलिस के अनुसार, बरामद बेसबैंड यूनिट (BBU) मोबाइल टावर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होती हैं, जो सिग्नलों की प्रोसेसिंग करती हैं। इसकी कीमत लगभग 5 से 10 लाख रुपये प्रति यूनिट होती हैं। वहीं, रिमोट रेडियो यूनिट (RRU) की कीमत 1.5 से 2 लाख रुपये प्रति यूनिट बताई गई हैं।

ऐसे चलता था चोरी का कारोबार

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं यातायात) राजकरन नैय्यर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी आमिर पूर्व में हत्या के मामले में जेल जा चुका हैं। जेल में उसकी मुलाकात एक ऐसे अपराधी से हुई, जिसने मोबाइल टावरों से उपकरण चोरी कर बेचने के अवैध कारोबार की जानकारी दी। जेल से छूटने के बाद उसने अदनान के साथ मिलकर गिरोह सक्रिय कर लिया। आरोपी अदनान उर्फ अज्जू ने पूछताछ में बताया कि उसके पिता की स्क्रैप की दुकान थी। उसने चोरी किए गए उपकरणों की खरीद-फरोख्त शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, इन उपकरणों को आगे मेरठ के कुछ लोगों के माध्यम से बेचा जाता था और प्राथमिक जांच में इन्हें थाईलैंड और हांगकांग भेजे जाने की भी जानकारी मिली हैं। इस अंतरराष्ट्रीय एंगल की जांच जारी हैं। वहीं, तीसरा आरोपी सौरभ, जो नगर निगम में सफाई कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं, चोरी किए गए उपकरण आमिर को उपलब्ध कराता था और प्रत्येक उपकरण के बदले 20 से 30 हजार रुपये प्राप्त करता था। वहीं, बरामद उपकरणों की कुल अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई हैं।

आपराधिक इतिहास

पुलिस के अनुसार, आरोपी आमिर के खिलाफ हत्या के प्रयास, हत्या, आर्म्स एक्ट सहित गंभीर धाराओं में पहले से मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, अदनान और सौरभ के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही हैं।

पुलिस टीम को मिलेगा पुरस्कार

इस सफल कार्रवाई पर अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं यातायात) ने स्वाट टीम और थाना ट्रोनिका सिटी पुलिस टीम को 50 हजार रुपये नकद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की हैं। बता दें कि गाज़ियाबाद पुलिस का कहना हैं कि गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों तथा चोरी के नेटवर्क की जांच जारी हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा हैं कि चोरी किए गए उपकरण विदेशों तक किस माध्यम से पहुंचाए जा रहे थे।

The Crime 24 News
Author: The Crime 24 News

Faiez Ali Saifi – Editor-in-Chief / Senior Journalist | Place: Ghaziabad, NCR, Uttar Pradesh, India

Leave a Comment

और पढ़ें