गाज़ियाबाद पुलिस का ‘वादी संवाद दिवस’ बना भरोसे का मंच, 258 वादियों ने थानों में पहुंचकर जानी अपने मामलों की प्रगति

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||TC24N|| फाईज़ अली सैफी

गाज़ियाबाद। पुलिस कमिश्नरेट गाज़ियाबाद द्वारा आमजन को त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में शुरू की गई ‘वादी संवाद नीति’ लगातार प्रभावी साबित हो रही हैं। इसी क्रम में बुधवार को पुलिस आयुक्त के निर्देशन में कमिश्नरेट के सभी थानों पर ‘वादी संवाद दिवस’ का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न मामलों के 258 वादियों ने भाग लेकर अपने प्रकरणों की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त की।

गाज़ियाबाद पुलिस द्वारा प्रत्येक बुधवार आयोजित किया जाने वाला यह कार्यक्रम पुलिस और वादियों के बीच संवाद को मजबूत करने, विवेचना में पारदर्शिता लाने तथा न्याय प्रक्रिया के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ाने की एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा हैं।

वादियों को दी गई विवेचना की पूरी जानकारी

वादी संवाद दिवस के दौरान एफआईआर, एनसीआर तथा गुमशुदगी से संबंधित मामलों के वादियों को संबंधित थानों पर आमंत्रित किया गया। वहां विवेचना अधिकारियों (Investigating Officers) ने प्रत्येक वादी को उनके मुकदमे की वर्तमान स्थिति, अब तक हुई कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान वादियों द्वारा पूछे गए सभी प्रश्नों का तथ्यात्मक और संतोषजनक उत्तर दिया गया, ताकि उन्हें अपने मामलों को लेकर किसी प्रकार की शंका न रहे। पुलिस अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि प्रत्येक वादी को न्यायिक प्रक्रिया की सही जानकारी समय पर मिल सके।

एसीपी भी रहे मौजूद

वादी संवाद दिवस को प्रभावी बनाने के लिए सभी सर्किलों के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) भी अपने-अपने क्षेत्र के थानों में मौजूद रहे। उन्होंने स्वयं वादियों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा विवेचना में गुणवत्ता और समयबद्धता बनाए रखने के निर्देश दिए।

तीनों जोन में पहुंचे 258 वादी

बुधवार, 15 जुलाई 2026 को आयोजित वादी संवाद दिवस में तीनों जोन के थानों पर बड़ी संख्या में वादी पहुंचे। जिसमें नगर जोन से 90 वादी, ट्रांस हिंडन जोन से 75 वादी और ग्रामीण जोन से 93 वादी हैं। इस प्रकार पूरे पुलिस कमिश्नरेट गाज़ियाबाद में कुल 258 वादियों ने अपने मामलों के संबंध में पुलिस अधिकारियों से सीधे संवाद किया।

पुलिस और जनता के बीच बढ़ रहा विश्वास

गाज़ियाबाद पुलिस का कहना हैं कि वादी संवाद दिवस केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनकेन्द्रित पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना हैं कि प्रत्येक वादी को अपने मुकदमे की सही और अद्यतन जानकारी समय पर मिले, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे और लोगों का भरोसा मजबूत हो। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से विवेचना की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ वादियों की संतुष्टि भी बढ़ रही हैं। पुलिस और जनता के बीच सीधा संवाद होने से गलतफहमियां कम होती हैं और शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनती हैं।

जनसरोकार आधारित पहल रहेगी जारी


पुलिस आयुक्त के निर्देशन में शुरू की गई यह पहल अब कमिश्नरेट गाज़ियाबाद की नियमित व्यवस्था का हिस्सा बन चुकी हैं। गाज़ियाबाद पुलिस ने स्पष्ट किया हैं कि भविष्य में भी जनसरोकार आधारित पुलिसिंग, पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए ऐसे नवाचार लगातार जारी रहेंगे, ताकि आम नागरिकों को न्याय प्रक्रिया में विश्वास और सुरक्षा का बेहतर अनुभव मिल सके।

The Crime 24 News
Author: The Crime 24 News

Faiez Ali Saifi – Editor-in-Chief / Senior Journalist | Place: Ghaziabad, NCR, Uttar Pradesh, India

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