मुरादनगर में ताजिये का जुलूस शांतिपूर्वक सम्पन्न, शिया-सुन्नी व हिंदू समुदायों ने दिखाया साम्प्रदायिक सौहार्द

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||TC24N|| फाईज़ अली सैफी

गाज़ियाबाद। मुरादनगर कस्बे में रविवार को मुहर्रम के अवसर पर परंपरागत ताजिये का जुलूस बड़े ही श्रद्धा, उत्साह और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। यह जुलूस मोहल्ला कोर्ट से आरंभ होकर मुख्य मार्गों से होता हुआ दरगाह हज़रत मोहम्मद मुराद गाजी रहमतुल्लाह अलैह तक पहुंचा। इस जुलूस में कुल 4 अखाड़े- गाज़ी समाज, पठान समाज, चौधरी समाज और अंसारी समाज- ने भाग लिया। अखाड़ों ने लाठी, डंडों और पारंपरिक कलाओं के माध्यम से करतब दिखाए और माहौल को जीवंत बनाए रखा। हज़ारों की संख्या में शिया और सुन्नी समुदाय के लोगों के साथ-साथ हिन्दू समुदाय के लोगों ने भी जुलूस में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जो साम्प्रदायिक एकता और भाईचारे का प्रतीक रहा। जुलूस के दौरान हज़रत इमाम हुसैन और इमाम हसन की शहादत को याद करते हुए “या हुसैन” के नारों के साथ मातम किया गया। इस दौरान कुछ श्रद्धालु मातम में घायल भी हुए, जिनका मौके पर प्राथमिक उपचार किया गया। अंजुमन यादगार-ए-हुसैनी के अध्यक्ष भूरे चौधरी के साथ अच्छा मियां हैदरी, असलम पठान, फारूक चौधरी, यूनुस पहलवान, शहज़ाद चौधरी, खालिद चौधरी और साजिद पठान जैसे आदि गणमान्य लोग भी जुलूस में शामिल रहे।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम: जुलूस की सुरक्षा के लिए मुरादनगर थाना प्रभारी अंकित चौहान की अगुवाई में लगभग 150 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। पुलिस बल में पांच थानों की फोर्स शामिल रही। सुरक्षा की निगरानी ड्रोन कैमरों और सादी वर्दी में तैनात पुलिसकर्मियों के माध्यम से की गई। थाना प्रभारी खुद जुलूस के साथ मौजूद रहे और आयोजकों से निरंतर संपर्क में रहकर आयोजन को सफल और सुरक्षित रूप से सम्पन्न कराया।

निष्कर्ष: ताजिये का यह जुलूस केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि गंगा-जमुनी तहज़ीब और सामाजिक सौहार्द का उत्कृष्ट उदाहरण भी रहा। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और सभी समुदायों के सहयोग से यह आयोजन पूर्ण रूप से शांतिपूर्ण और सफल रहा।

The Crime 24 News
Author: The Crime 24 News

Faiez Ali Saifi – Editor-in-Chief / Senior Journalist | Place: Ghaziabad, NCR, Uttar Pradesh, India

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