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||TC24N|| फाईज़ अली सैफी
गाज़ियाबाद। जनता को त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण न्याय उपलब्ध कराने तथा पुलिस और आम नागरिकों के बीच विश्वास को मजबूत करने के उद्देश्य से गाज़ियाबाद पुलिस कमिश्नरेट द्वारा प्रत्येक बुधवार को सभी थानों पर ‘वादी संवाद दिवस’ आयोजित किया जाता हैं। यह पुलिस कमिश्नरेट की नियमित जनहितकारी पहल हैं, जिसके माध्यम से विवेचनाधीन मामलों के वादियों को अपने प्रकरण की स्थिति जानने, विवेचकों से सीधे संवाद करने और अपनी समस्याओं का जवाब प्राप्त करने का अवसर मिलता हैं। इसी क्रम में बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को भी गाज़ियाबाद कमिश्नरेट के सभी थानों पर वादी संवाद दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान नगर, ट्रांस हिण्डन और ग्रामीण जोन के कुल 356 वादी संबंधित थानों पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों और विवेचकों ने उनसे संवाद कर मामलों की वर्तमान स्थिति और विवेचना में हुई प्रगति से अवगत कराया। पुलिस की ओर से वादियों के सवालों का उचित, तथ्यात्मक और संतोषजनक जवाब देने का प्रयास किया गया।
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पुलिस आयुक्त के निर्देशन में संचालित हैं वादी संवाद नीति
गाज़ियाबाद पुलिस कमिश्नरेट में पुलिस आयुक्त के निर्देशन में वादी संवाद नीति लागू की गई हैं। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना हैं कि किसी भी मामले के शिकायतकर्ता को अपने प्रकरण की स्थिति जानने के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। वादी को समय-समय पर अपने मामले की जानकारी मिले और पुलिस की कार्रवाई को लेकर उसके मन में किसी प्रकार का असमंजस न रहे, इसके लिए प्रत्येक बुधवार को यह कार्यक्रम आयोजित किया जाता हैं। इस व्यवस्था के तहत थानों पर संबंधित वादियों को आमंत्रित किया जाता हैं। इसके बाद संबंधित विवेचक उनके साथ सीधे संवाद करते हैं और मामले में अब तक हुई कार्रवाई, विवेचना की वर्तमान स्थिति तथा प्रगति के बारे में जानकारी देते हैं। इस प्रक्रिया से शिकायतकर्ताओं को अपने मामलों के संबंध में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलता हैं। पुलिस प्रशासन की इस पहल में संवाद और पारदर्शिता को विशेष महत्व दिया गया हैं। इसका उद्देश्य केवल शिकायत सुनना नहीं, बल्कि वादी को उसके प्रकरण से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराना और पुलिस की कार्यप्रणाली के प्रति उसका भरोसा बनाए रखना भी हैं।
एफआईआर, एनसीआर और गुमशुदगी के मामलों के वादियों से होता हैं संवाद
वादी संवाद दिवस के अंतर्गत विवेचनाधीन अभियोगों से संबंधित वादियों को थानों पर बुलाया जाता हैं। इसमें एफआईआर और एनसीआर से जुड़े मामलों के शिकायतकर्ता तथा गुमशुदगी के मामलों से संबंधित वादी शामिल होते हैं। कार्यक्रम के दौरान संबंधित विवेचक वादियों को उनके मामलों की प्रगति के बारे में बताते हैं। यदि किसी वादी के मन में विवेचना, पुलिस कार्रवाई या प्रकरण की स्थिति को लेकर कोई सवाल होता हैं, तो उसका उचित और तथ्यात्मक जवाब देने का प्रयास किया जाता हैं। इस व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण पहलू यह हैं कि शिकायतकर्ताओं को संबंधित विवेचक के साथ सीधे बातचीत करने का अवसर मिलता हैं। इससे वे अपने प्रकरण के संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और अपनी समस्याओं को पुलिस अधिकारियों के सामने रख सकते हैं। गाज़ियाबाद पुलिस का उद्देश्य हैं कि प्रत्येक वादी को उसकी शिकायत और मामले से संबंधित जानकारी समय पर मिले। इसके साथ ही पुलिस और शिकायतकर्ता के बीच संवाद की प्रक्रिया निरंतर बनी रहे, जिससे न्याय की प्रक्रिया के प्रति विश्वास और संतुष्टि को बढ़ावा मिल सके।
तीनों जोन में 356 वादियों ने की सहभागिता
बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को आयोजित वादी संवाद दिवस में कमिश्नरेट के तीनों जोन में वादियों की उपस्थिति का विवरण इस प्रकार रहा: पुलिस कमिश्नरेट द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, नगर जोन में सबसे अधिक 134 वादी संवाद के लिए पहुंचे। वहीं, ट्रांस हिण्डन जोन में 130 और ग्रामीण जोन में 92 वादियों ने सहभागिता की। इस प्रकार बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में कुल 356 वादियों से संवाद किया गया। इन आंकड़ों के माध्यम से यह स्पष्ट होता हैं कि वादी संवाद दिवस के अंतर्गत कमिश्नरेट के अलग-अलग क्षेत्रों में शिकायतकर्ताओं को संबंधित मामलों की जानकारी देने और उनकी समस्याएं सुनने की व्यवस्था की जा रही हैं।
संवाद के दौरान सहायक पुलिस आयुक्त भी रहे मौजूद
28 अक्टूबर को आयोजित कार्यक्रम के दौरान संबंधित सर्किल के सहायक पुलिस आयुक्त भी अपने-अपने थानों पर उपस्थित रहे। उनकी मौजूदगी में वादियों और विवेचकों के बीच संवाद स्थापित किया गया। इस दौरान मामलों की विवेचना की वर्तमान स्थिति और प्रगति से संबंधित जानकारी साझा की गई। वादियों की ओर से पूछे गए प्रश्नों के जवाब देते हुए उनकी शंकाओं को दूर करने का प्रयास किया गया। पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति का उद्देश्य संवाद प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना और यह सुनिश्चित करना हैं कि शिकायतकर्ताओं को अपने प्रकरण के संबंध में सही जानकारी प्राप्त हो सके। इसके साथ ही, पुलिस और जनता के बीच समन्वय को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया
हर बुधवार क्यों महत्वपूर्ण है वादी संवाद दिवस?
किसी भी आपराधिक मामले या शिकायत की जांच के दौरान वादी के लिए अपने प्रकरण की स्थिति जानना महत्वपूर्ण होता हैं। कई बार शिकायतकर्ता यह जानना चाहते हैं कि उनके मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई हैं और विवेचना किस स्थिति में हैं। ऐसे में नियमित संवाद की व्यवस्था उन्हें संबंधित जानकारी प्राप्त करने का अवसर देती हैं। गाज़ियाबाद पुलिस कमिश्नरेट में प्रत्येक बुधवार को आयोजित होने वाला वादी संवाद दिवस इसी आवश्यकता को ध्यान में रखकर संचालित किया जा रहा हैं। निर्धारित दिन पर वादियों को थानों पर बुलाकर संबंधित विवेचकों से बातचीत कराई जाती हैं, जिससे संवाद की एक नियमित व्यवस्था बनी रहती हैं। इस पहल के माध्यम से पुलिस प्रशासन पारदर्शिता, जवाबदेही और जनविश्वास को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहा हैं। साथ ही, शिकायतकर्ताओं को न्याय प्रक्रिया से जोड़कर रखने और उनके सवालों का उचित उत्तर देने पर ध्यान दिया जा रहा हैं। यह पहल पुलिस और जनता के बीच दूरी कम करने, शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को समझने और मामलों के संबंध में जानकारी साझा करने का माध्यम बनती हैं। हालांकि, किसी मामले का वास्तविक निस्तारण उसकी परिस्थितियों, उपलब्ध साक्ष्यों और लागू कानूनी प्रक्रिया के अनुसार ही होता हैं।
जनकेंद्रित पुलिसिंग को मजबूत करने पर जोर
गाज़ियाबाद पुलिस कमिश्नरेट के अनुसार, वादी संवाद दिवस पुलिस और जनता के बीच आपसी सहयोग एवं विश्वास को मजबूत करने वाली जनसरोकार आधारित पहल हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना हैं कि प्रत्येक वादी को अपने प्रकरण की सही जानकारी समय पर मिले और वह न्याय की प्रक्रिया को लेकर संतुष्ट रहे। पुलिस प्रशासन का मानना हैं कि नियमित संवाद से शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को बेहतर तरीके से समझने और पुलिस की कार्रवाई के संबंध में स्पष्टता बनाए रखने में सहायता मिलती हैं। इसी दृष्टिकोण के तहत प्रत्येक बुधवार को कमिश्नरेट के सभी थानों पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया जाता हैं। गाज़ियाबाद पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया हैं कि जनकेंद्रित पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने के लिए भविष्य में भी इसी प्रकार के नवाचार जारी रखे जाएंगे। वादी संवाद दिवस के माध्यम से पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास, पारदर्शिता तथा सहयोग को और अधिक मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा हैं।
निष्कर्ष
गाज़ियाबाद पुलिस कमिश्नरेट का ‘वादी संवाद दिवस’ प्रत्येक बुधवार को आयोजित होने वाली नियमित पहल हैं। बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को भी इस कार्यक्रम के तहत तीनों जोन में कुल 356 वादियों से संवाद किया गया। संबंधित विवेचकों ने उन्हें मामलों की प्रगति से अवगत कराया और उनके सवालों के जवाब दिए। पुलिस प्रशासन की इस पहल का मूल उद्देश्य हैं कि शिकायतकर्ताओं को उनके प्रकरण की जानकारी समय पर मिले, पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे और जनता का न्याय प्रक्रिया पर विश्वास मजबूत हो।
Author: The Crime 24 News
Faiez Ali Saifi – Editor-in-Chief / Senior Journalist | Place: Ghaziabad, NCR, Uttar Pradesh, India