सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को लेकर पुलिस कमिश्नरेट की विशेष पहल, 10 हजार रुपये की धरोहर राशि जमा कर करना होगा आवेदन; बिना अनुमति और निर्धारित स्थलों के बाहर पटाखों की बिक्री पर रहेगी रोक
||TC24N|| फाईज़ अली सैफी
गाज़ियाबाद। दीपावली के पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस कमिश्नरेट गाज़ियाबाद के ग्रामीण जोन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस वर्ष दीपावली का त्योहार 8 नवंबर 2026 को परंपरागत रूप से मनाया जाएगा। त्योहार के दौरान जनसुरक्षा, अग्नि सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण जोन में ग्रीन पटाखों की बिक्री के लिए पांच खुले स्थलों का चयन किया गया हैं। इन निर्धारित स्थलों पर ही अस्थायी आतिशबाजी की दुकानें लगाने की अनुमति दी जाएगी। पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, ग्रीन पटाखों की बिक्री के लिए अस्थायी लाइसेंस 5 नवंबर से 7 नवंबर 2026 तक की अवधि के लिए जारी किए जाएंगे। इसके लिए इच्छुक व्यक्तियों से निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना लाइसेंस, निर्धारित स्थल से बाहर अथवा प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीण जोन में इन पांच स्थानों पर लगेंगी पटाखों की दुकानें
जनसुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ग्रामीण जोन के अंतर्गत पांच स्थानों को अस्थायी ग्रीन पटाखा बाजार के लिए चिह्नित किया गया हैं। निर्धारित स्थलों का थाना क्षेत्रवार विवरण इस प्रकार हैं— 1. नगर पालिका ग्राउंड, गढ़ी कटैया – थाना लोनी। 2. लोनी इंटर कॉलेज ग्राउंड – थाना अंकुर विहार। 3. के.एन. मोदी ग्राउंड – थाना मोदीनगर। 4. महर्षि इंटर कॉलेज, सारा रोड – थाना मोदीनगर। 5. रामलीला ग्राउंड, चुंगी नंबर-03, मुरादनगर – थाना मुरादनगर। पुलिस प्रशासन के मुताबिक, इन स्थानों का चयन खुले क्षेत्र और जनसुरक्षा को ध्यान में रखकर किया गया हैं। निर्धारित स्थानों पर ही लाइसेंस प्राप्त विक्रेता अपनी दुकानें संचालित कर सकेंगे।
10 हजार रुपये की धरोहर राशि जमा करना अनिवार्य
अस्थायी ग्रीन पटाखा लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को 10,000 रुपये की धरोहर राशि बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से जमा करनी होगी। यह बैंक ड्राफ्ट प्रतिसार निरीक्षक, पुलिस लाइन्स, कमिश्नरेट गाज़ियाबाद के नाम से तैयार कराना होगा। आवेदन प्रक्रिया के दौरान आवेदक को अपने साथ दो पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड की छायाप्रति तथा पुलिस लाइन्स से जारी 10,000 रुपये के ड्राफ्ट की रसीद प्रस्तुत करनी होगी। निर्धारित दस्तावेज जमा करने के बाद ही संबंधित कार्यालय से आवेदन पत्र उपलब्ध कराया जाएगा। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया हैं कि एक आवेदक केवल एक ही निर्धारित स्थल के लिए आवेदन कर सकेगा। यदि कोई व्यक्ति एक से अधिक स्थानों के लिए आवेदन करता हैं तो उसके सभी आवेदन निरस्त किए जा सकते हैं।
10×10 फुट की होगी दुकान, अग्निशमन एनओसी भी जरूरी
लाइसेंस स्वीकृत होने के बाद आवंटी को निर्धारित स्थल पर 10×10 फुट आकार की दुकान स्वयं तैयार करानी होगी। दुकान तैयार कराने का पूरा खर्च संबंधित आवंटी को ही वहन करना होगा। इसके साथ ही दुकान निर्माण और सुरक्षा संबंधी निर्धारित मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा। आवंटित दुकानों के बीच कम से कम 10 फुट की दूरी रखी जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में आग पर नियंत्रण करने और राहत कार्य संचालित करने में परेशानी न हो। प्रत्येक आवंटी को मुख्य अग्निशमन अधिकारी से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) स्वयं प्राप्त करना होगा। दुकान पर आवश्यक विद्युत व्यवस्था, अग्निशमन उपकरण और पार्किंग की व्यवस्था भी आवंटी को अपने स्तर से सुनिश्चित करनी होगी। खुले विद्युत तारों का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा।
आग से बचाव के लिए विशेष इंतजाम, पांचों स्थानों पर तैनात होंगे फायर टेंडर
दीपावली के दौरान आतिशबाजी की दुकानों पर आग लगने की आशंका को देखते हुए ग्रामीण जोन पुलिस ने अग्नि सुरक्षा के विशेष इंतजाम करने की योजना बनाई हैं। निर्धारित पांचों स्थलों पर एक-एक फायर टेंडर की तैनाती की जाएगी। इसके अतिरिक्त पानी के टैंकर, बालू और रेत से भरी बाल्टियों तथा अन्य आवश्यक आपातकालीन संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। प्रत्येक दुकानदार को अपनी दुकान पर कम से कम दो बाल्टी पानी और दो बाल्टी रेत भरकर रखना अनिवार्य होगा। दुकानों और स्टॉलों पर धूम्रपान पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा दुकानों के आसपास किसी भी प्रकार की ज्वलनशील सामग्री रखने की अनुमति नहीं होगी।
आवेदन और लाइसेंस जारी करने का निर्धारित कार्यक्रम
पुलिस प्रशासन ने अस्थायी लाइसेंस जारी करने के लिए अलग-अलग तिथियां निर्धारित की हैं। इसके तहत आवेदनकर्ताओं के अभिलेखों का परीक्षण और पुलिस सत्यापन सहित आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। निर्धारित कार्यक्रम इस प्रकार हैं— • 1 नवंबर 2026 तक: आवेदनकर्ताओं के अभिलेखों का परीक्षण कर आवेदन पत्र आवंटित किए जाएंगे। • 2 नवंबर 2026: प्राप्त आवेदन पत्रों एवं संबंधित विभागों की आख्या का परीक्षण किया जाएगा। • 3 नवंबर 2026: सभी निर्धारित मानकों पर खरे उतरने वाले योग्य आवेदकों को अस्थायी लाइसेंस जारी किए जाएंगे। • 5 से 7 नवंबर 2026: लाइसेंस प्राप्त दुकानों पर ग्रीन पटाखों एवं आतिशबाजी का क्रय-विक्रय किया जाएगा। आवेदकों को पुलिस सत्यापन, स्थानीय अग्निशमन विभाग और अन्य संबंधित विभागों से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने होंगे।
केवल ग्रीन पटाखों की बिक्री की अनुमति, पारंपरिक पटाखों पर प्रतिबंध
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया हैं कि अस्थायी लाइसेंस केवल ग्रीन पटाखों की बिक्री के लिए मान्य होगा। पारंपरिक, हानिकारक और प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। विक्रेता केवल प्रशासन द्वारा अनुमन्य ब्रांड और निर्धारित सूची में शामिल ग्रीन पटाखे ही बेच सकेंगे। इसके साथ ही बिक्री का समय प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित किया गया हैं। निर्धारित समय के अतिरिक्त पटाखों की बिक्री नहीं की जा सकेगी। बिक्री केवल आवंटित स्थलों पर ही होगी। किसी अन्य स्थान पर दुकान लगाना या आतिशबाजी बेचना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। आवंटित दुकान को किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर संचालित करना अथवा दुकान का लाइसेंस किसी अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित करना भी प्रतिबंधित रहेगा। जिस व्यक्ति के नाम दुकान आवंटित की जाएगी, उसी को दुकान संचालित करनी होगी।
सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के आदेशों का पालन अनिवार्य
पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया हैं कि ग्रीन पटाखों की बिक्री और उपयोग के संबंध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय तथा राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा जारी आदेशों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। प्रेस नोट में एनजीटी के 1 दिसंबर 2020 के आदेश और सर्वोच्च न्यायालय के 15 अक्टूबर 2025 के आदेश का उल्लेख करते हुए कहा गया हैं कि प्रदेश में ग्रीन पटाखों की बिक्री एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनका उपयोग संबंधित आदेशों और निर्देशों के अधीन ही अनुमन्य होगा। यदि कोई विक्रेता निर्धारित शर्तों का उल्लंघन करता पाया जाता हैं तो उसका अस्थायी लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जा सकता हैं। साथ ही आवश्यक विधिक कार्रवाई और प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जा सकती हैं।
शांति व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस प्रशासन सख्त
पुलिस प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया हैं कि सार्वजनिक शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए किसी भी समय बिना पूर्व नोटिस के दी गई अनुमति समाप्त की जा सकती हैं। दुकान आवंटन से संबंधित सभी निर्णय आवंटन समिति के अधिकार क्षेत्र में रहेंगे। प्रशासन का उद्देश्य दीपावली के दौरान आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ आगजनी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण रखना और पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम करना हैं। पुलिस कमिश्नरेट गाज़ियाबाद के ग्रामीण जोन की इस व्यवस्था के तहत आम नागरिकों और पटाखा विक्रेताओं से अपील की गई हैं कि वे निर्धारित नियमों, सुरक्षा मानकों और पर्यावरण संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि दीपावली का पर्व शांतिपूर्ण, सुरक्षित और प्रदूषण नियंत्रण के मानकों के अनुरूप मनाया जा सके।
Author: The Crime 24 News
Faiez Ali Saifi – Editor-in-Chief / Senior Journalist | Place: Ghaziabad, NCR, Uttar Pradesh, India