

||TC24N|| फाईज़ अली सैफी
गाज़ियाबाद। बुधवार की शाम करीब 4 बजे मुरादनगर कस्बे की गांधी नगर कॉलोनी स्थित अशोक हैंडलूम फैक्ट्री से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। यहां 30 वर्षीय मोइनुद्दीन पुत्र रियाजुद्दीन, जो फैक्ट्री में मजदूरी करता था, की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जानकारी के अनुसार फैक्ट्री मालिक का आरोप हैं कि मोइनुद्दीन ने फैक्ट्री में काम करने वाली एक महिला मजदूर से बदतमीजी की थी। वहीं, मृतक के परिजनों और कुछ मजदूरों का कहना हैं कि इसी बहाने फैक्ट्री मालिक, 3 मजदूर और एक महिला ने मिलकर मोइनुद्दीन की लाठी-डंडों आदि से बेरहमी से पिटाई की। आरोप हैं कि मारपीट के दौरान फैक्ट्री में खून फैल गया, जिसे आरोपियों ने कपड़े व मटेरियल से साफ कर सबूत छुपाने की कोशिश की। परिजनों का कहना हैं कि गंभीर हालत में होने के बावजूद आरोपियों ने मोइनुद्दीन को अस्पताल पहुंचाने के बजाय फैक्ट्री के पास स्थित ट्रांसफॉर्मर के पास फेंक दिया और बाद में मामला आत्महत्या की कोशिश बताने की साजिश रची। सूचना मिलते ही थाना मुरादनगर प्रभारी अंकित चौहान मौके पर पहुंचे और घायल को अस्पताल भिजवाया। हालत गंभीर होने पर उसे दिल्ली के ज़ीटीवी अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
परिजनों और यूनियन का आरोप
मृतक मोइनुद्दीन एक परदेसी और गरीब परिवार से था। वह किराए के मकान में रहता था और अपने माता-पिता का खर्च चलाता था। परिजनों ने आरोप लगाया हैं कि उनके बेटे की निर्मम पिटाई कर उसकी जान ली गई हैं और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उधर, आज़ाद समाज पार्टी के प्रदेश महासचिव व मजदूर यूनियन अध्यक्ष निज़ाम चौधरी ने कहा, “हम मृतक।मोइनुद्दीन और उसके परिवार के साथ खड़े हैं। यदि इंसाफ नहीं मिला तो मजदूरों को इकट्ठा कर सख्त विरोध किया जाएगा।”
पुलिस की जांच जारी
घटना के बाद से फैक्ट्री मालिक की ताला लगाकर मौके से फरार होने की सूचना हैं। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी हैं और फैक्ट्री के कुछ मजदूरों से पूछताछ कर रही हैं। पुलिस ने कहा हैं कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का स्पष्ट कारण पता चल पाएगा।
विद्युत विभाग पर मेजर सवाल — ट्रांसफार्मर की सुरक्षा पर उठ रही आपत्तियां
दरअसल, घटनास्थल पर मौजूद ट्रांसफार्मर और उसकी सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं। स्थानीय लोगों का कहना हैं कि कॉलोनी के बीचोंबीच जमीन पर लगे बड़े ट्रांसफार्मर में 24 घंटे करंट संरक्षित करता हैं और ना तो यह ऊँचाई पर हैं और न ही इनके चारो ओर कोई सुरक्षा जाली हैं। यहां से हररोज लोग-बाग आते-जाते रहते हैं और छोटे-छोटे मासूम बच्चे भी यहां से गुजरते रहते हैं। ऐसे खुले ट्रांसफार्मर न केवल हादसों को न्योता दें रहे हैं बल्कि किसी भी अप्रिय घटना की वजह बन सकते हैं। नागरिकों व परिजनों ने बिजली विभाग से इन ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कराना, ऊँचा बेस बनवाना तथा चारों ओर से सिक्योरिटी जाली/गार्ड लगवाने की मांग उठाई हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सुरक्षा नहीं सुनिश्चित की गई तो कॉलोनी में बड़े हादसे की आशंका बनी रहेगी। पुलिस और विद्युत विभाग से भी इस मामले पर स्पष्टीकरण की अपेक्षा की जा रही हैं कि क्या ट्रांसफार्मर की स्थिति के कारण मौत को लेकर कोई भ्रम पैदा किया गया और क्या विभाग की लापरवाही भी इस घटना से जुड़ी हैं — इन पहलुओं की भी जांच की जानी चाहिए। परिवार और यूनियन लगातार इंसाफ की मांग कर रहे हैं। अब यह देखना होगा कि पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से क्या सच सामने आता हैं और क्या जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, यह बड़ा सवाल हैं?
Author: The Crime 24 News
Faiez Ali Saifi – Editor-in-Chief / Senior Journalist | Place: Ghaziabad, NCR, Uttar Pradesh, India









