
||TC24N|| फाईज़ अली सैफी
गाज़ियाबाद। थाना साइबर क्राइम कमिश्नरेट गाज़ियाबाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि/लोकपाल बनकर करोड़ों की ठगी करने वाले एक साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया हैं। इस गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया गया हैं। इनके कब्जे से साइबर अपराध में प्रयुक्त 5 मोबाइल फोन, 1 लैंडलाइन डिवाइस, 12 चेक, 1 एटीएम कार्ड, महिंद्रा XUV 500 कार और 1.83 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस ने लगभग 44 लाख रुपये की साइबर ठगी का खुलासा किया हैं, जिसमें तीन राज्यों की घटनाएं शामिल हैं। वहीं, पुलिस को पकड़े गए आरोपियों की पहचान रवि प्रताप, विकास कुमार, नवीन प्रताप सिंह, अनुज कुमार और पांचवें की गुंजन के रूप हुई हैं।
ठगी का तरीका
डीसीपी नगर धवल जायसवाल के अनुसार, गिरोह के सदस्य विभिन्न बीमा कंपनियों जैसे रिलायंस, भारती हेक्सा, सिग्ना टीटीके, एचडीएफसी, बजाज आदि के प्रतिनिधि या बीमा लोकपाल बनकर कॉल करते थे। ये लोग ग्राहकों को पॉलिसी में ज्यादा मुनाफा, मैच्योरिटी अमाउंट से बिटकॉइन खरीदने, ऑनलाइन टास्क करने या होटल बुकिंग जैसे झांसे देकर उनके खातों से पैसे ट्रांसफर कराते थे। इन आरोपियों ने नोएडा में कार्यरत रहते हुए बीमा पॉलिसीधारकों की निजी जानकारी प्राप्त की और नौकरी छोड़ने के बाद इस डाटा का दुरुपयोग करते हुए संगठित तरीके से साइबर ठगी शुरू कर दी। आरोपी अपने साथी अनुज, सोनू, मनोज, अमन और गुंजन के खातों का इस्तेमाल ट्रांजैक्शन के लिए करते थे।
मुख्य केस: गाज़ियाबाद निवासी महीपाल बिष्ट के साथ 36 लाख की ठगी
आपको बता दें कि 24 अक्टूबर 2024 से 8 जून 2025 तक रवि प्रताप और उसके साथियों ने गाज़ियाबाद निवासी महीपाल बिष्ट को कॉल कर बीमा पॉलिसी के पैसों से बिटकॉइन खरीदने के झांसे में फंसाया और लगभग 36 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। शिकायत मिलने पर थाना साइबर क्राइम में 3 जुलाई 2025 को मुकदमा दर्ज किया गया था।
अन्य राज्य की घटनाएं:
• तेलंगाना (हैदराबाद): ऑनलाइन टास्क के नाम पर 4 लाख रुपये की ठगी • तमिलनाडु (नीलगिरी): होटल बुकिंग के नाम पर 35 हज़ार रूपये की ठगी।
गिरोह के संसाधन और सबूत
डीसीपी नगर के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के पास से फर्जी आईडी पर लिए गए सिम कार्ड, बीमा कंपनियों का डेटा, कॉल डिटेल, व्हाट्सएप चैट, बैंक ट्रांजैक्शन आदि बरामद हुए हैं। बरामद XUV 500 गाड़ी रवि प्रताप के नाम पर हैं और इसकी किश्तें भी ठगी के पैसों से चुकाई जा रही थीं।
अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास:
• रवि प्रताप और विकास कुमार पूर्व में दिल्ली के द्वारका साइबर क्राइम थाना से जेल जा चुके हैं। • अनुज जनपद जालौन में चोरी की दो घटनाओं में जेल जा चुका हैं।
पुलिस का बयान
गाज़ियाबाद साइबर क्राइम पुलिस का कहना हैं कि आरोपियों से बरामद इलेक्ट्रॉनिक सबूतों और दस्तावेजों के आधार पर देशभर में फैले साइबर नेटवर्क की जांच की जा रही हैं और अन्य राज्यों की पुलिस से समन्वय कर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही हैं।
Author: The Crime 24 News
Faiez Ali Saifi – Editor-in-Chief / Senior Journalist | Place: Ghaziabad, NCR, Uttar Pradesh, India









