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||TC24N|| फाईज़ अली सैफी
गाज़ियाबाद। जनपद के गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से सोमवार को दुर्गावती देवी सभागार में मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में गो-आश्रय स्थलों पर गोवंश के संरक्षण, हरे चारे की उपलब्धता, गोचर भूमि, टैगिंग, टीकाकरण, कृमिनाशन, अतिरिक्त शेड निर्माण और अन्य व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी, पशु चिकित्सा अधिकारी, नगर निगम के पशु चिकित्सा एवं पशु कल्याण अधिकारी तथा गो-आश्रय स्थलों के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।
एक सप्ताह में गोचर भूमि पर शुरू होगा हरा चारा उत्पादन
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मुख्य विकास अधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां भी गोचर भूमि उपलब्ध है, उसे तत्काल चिन्हित कर एक सप्ताह के भीतर हरे चारे का उत्पादन शुरू कराया जाए। साथ ही उपजिलाधिकारियों को पूर्व में चिन्हित गोचर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि सदर तहसील क्षेत्र में कई भूमि अतिक्रमण से मुक्त कराई जा चुकी हैं, जबकि शेष भूमि को दो दिन के भीतर खाली कराने की कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी।
तलहेटा में चारा न बोने पर नाराजगी
समीक्षा के दौरान सामने आया कि तलहेटा गो-आश्रय स्थल पर अभी तक हरा चारा नहीं बोया गया है। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित खंड विकास अधिकारी को तीन दिन के भीतर स्थलीय निरीक्षण कर चारा उत्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नए गो-आश्रय स्थलों के लिए भूमि होगी चिन्हित
निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए अतिरिक्त शेड निर्माण के लंबित कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी तहसीलदारों को सात दिन के भीतर नए गो-आश्रय स्थलों के लिए भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री सहभागिता योजना पर जोर
बैठक में मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत संरक्षित गोवंश का 10 प्रतिशत पात्र व्यक्तियों को सुपुर्द किए जाने के निर्देशों की समीक्षा की गई। इस दौरान विकास खंड भोजपुर द्वारा 20 गोवंश सुपुर्द किए जाने की जानकारी दी गई।
साइलेज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि प्रतिकूल परिस्थितियों में हरे चारे के विकल्प के रूप में साइलेज बेहद उपयोगी है। सभी खंड विकास अधिकारियों को तीन दिन के भीतर साइलेज की उपलब्धता और टेंडर प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
जलभराव और कीचड़ की समस्या दूर करने के निर्देश
गो-आश्रय स्थल मीरपुर हिन्दू, खिंदौड़ा, सोंदा और गुड़मंडी (मुरादनगर) में जलभराव तथा सोंदा में मार्ग पर कीचड़ की समस्या का तत्काल समाधान कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
20 जुलाई तक शत-प्रतिशत टैगिंग का लक्ष्य
बैठक में बताया गया कि गोवंश का एच.एस. टीकाकरण और कृमिनाशन कार्य पूरा हो चुका हैं। हालांकि तल्हेटा, खंजरपुर, खिंदौड़ा, कादराबाद, कान्हा गोशाला मोदीनगर और नगर निगम गाजियाबाद के गो-आश्रय स्थलों पर अभी तक शत-प्रतिशत टैगिंग नहीं हो सकी हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी पशु चिकित्सा अधिकारियों को 20 जुलाई 2026 तक विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत टैगिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सीसीटीवी, ट्री गार्ड और रिकॉर्ड संधारण पर भी जोर
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मुख्य विकास अधिकारी ने सभी गो-आश्रय स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों को कार्यशील रखने, हाल ही में लगाए गए पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड लगाने तथा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गो-आश्रय पोर्टल पर लंबित इन्वेंट्री और कंजम्पशन प्रविष्टियां सात दिन के भीतर पूरी करने के भी निर्देश दिए गए। इसके अलावा दान में प्राप्त भूसा, पुआल और हरे चारे का अलग रजिस्टर तथा गोबर और जैविक खाद का पृथक अभिलेख रखने के निर्देश दिए गए। शहरी क्षेत्र के सभी गो-आश्रय स्थलों को कान्हा पोर्टल के माध्यम से समयबद्ध तरीके से फंड रिक्वेस्ट भेजने और सभी निर्देशों का निर्धारित समय सीमा में शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
Author: The Crime 24 News
Faiez Ali Saifi – Editor-in-Chief / Senior Journalist | Place: Ghaziabad, NCR, Uttar Pradesh, India








