
![]()
||TC24N|| फाईज़ अली सैफी
गाज़ियाबाद। पुलिस कमिश्नरेट गाज़ियाबाद ने सोशल मीडिया के माध्यम से फैल रहे हथियारबंद प्रदर्शन की संभावित साजिश को समय रहते विफल करते हुए शालीमार गार्डन क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की हैं। थाना शालीमार गार्डन पुलिस टीम ने लोक शांति भंग करने के आरोप में 10 लोगों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 8 तलवारें बरामद की हैं।
एसीपी शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक संगठन हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी द्वारा संगठन से जुड़े लोग सार्वजनिक रूप से तलवारें वितरित करते हुए और उग्र नारेबाजी करते दिखाई दे रहे थे। वीडियो को गंभीरता से लेते हुए तत्काल थाना शालीमार गार्डन पर सुसंगत धाराओं में 16 लोगों को नामजद करते हुए 25 से 30 अज्ञात लोगो पर मुकदमा पंजीकृत किया गया। जिसमें 10 लोगों को घेराबंदी कर तत्काल गिरफ्तार किया गया।
सार्वजनिक शांति के लिए खतरा मानते हुए की गई कार्रवाई
पुलिस जांच में सामने आया कि शालीमार गार्डन एक्सटेंशन-2 स्थित एक कार्यालय पर तलवारों का वितरण किया जा रहा था, जिससे क्षेत्र में तनाव और भय का माहौल उत्पन्न होने की आशंका थी। इसे कानून-व्यवस्था के लिए सीधा खतरा मानते हुए पुलिस टीम ने घेराबंदी कर प्रेम गली, टेलीफोन एक्सचेंज के पास से 10 लोगों कपिल कुमार, श्याम प्रसाद, अरुण जैन, रामपाल, अमित सिंह, अमित कुमार, अमित अरोड़ा, मोहित कुमार, देवेंद्र बघेल और उजाला सिंह को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया हैं।
पूछताछ में संगठनात्मक भूमिका उजागर
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे एक हिंदू रक्षा दल संगठन से जुड़े हैं और कथित तौर पर संगठन नेतृत्व के हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी के निर्देश पर एकत्र हुए थे। तलवारों की व्यवस्था और वितरण की योजना पूर्व नियोजित बताई गई हैं। पुलिस इस पूरे नेटवर्क और अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की गहन जांच कर रही हैं।
कानून हाथ में लेने वालों पर जीरो टॉलरेंस
पुलिस अधिकारियों का कहना हैं कि किसी भी संगठन, व्यक्ति या समूह को सार्वजनिक स्थानों पर हथियारों का प्रदर्शन, भड़काऊ नारेबाजी या कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सोशल मीडिया के माध्यम से फैलने वाली ऐसी गतिविधियों पर पुलिस की सतत निगरानी हैं।
आगे की कार्रवाई जारी
गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध बीएनएस एवं आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम की धाराओं में वैधानिक कार्रवाई की जा रही हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही हैं कि इस गतिविधि में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा तलवारों की आपूर्ति कहां से की गई। पुलिस ने आमजन से अपील की हैं कि किसी भी भड़काऊ या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते शांति व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
पुलिस पर सवाल
हालांकि, शालीमार गार्डन पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से एक संभावित बड़ी घटना टल गई, लेकिन इस पूरे प्रकरण ने पुलिस की प्री-इंटेलिजेंस और निरंतर निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना हैं कि संगठन से जुड़े लोग लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय थे और कार्यालय पर खुलेआम गतिविधियां संचालित हो रही थीं, इसके बावजूद समय रहते इन पर सख्त रोक क्यों नहीं लगाई गई। यह भी सवाल उठ रहा हैं कि जब पहले भी संबंधित संगठन और उसके पदाधिकारियों के खिलाफ विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज हो चुके हैं, तो ऐसे तत्वों की गतिविधियों पर नजरबंदी और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई पहले क्यों नहीं की गई। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद कार्रवाई होना यह दर्शाता हैं कि सूचना तंत्र को और अधिक मजबूत किए जाने की आवश्यकता हैं। कानून विशेषज्ञों का मानना हैं कि यदि समय रहते ऐसे संगठनों की फंडिंग, हथियारों की आपूर्ति और संगठनात्मक ढांचे की गहन जांच की जाए, तो भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस प्रशासन इस मामले में केवल गिरफ्तारियों तक सीमित रहता हैं या फिर पूरे नेटवर्क पर निर्णायक कार्रवाई करता हैं।
Author: The Crime 24 News
Faiez Ali Saifi – Editor-in-Chief / Senior Journalist | Place: Ghaziabad, NCR, Uttar Pradesh, India









