


||TC24N|| फईज़ अली सैफी
गाज़ियाबाद। पुलिस कमिश्नरेट गाज़ियाबाद में नागरिकों के प्रति पुलिस व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से विभिन्न सुधारात्मक एवं जन-केंद्रित पहलें प्रारंभ की गई हैं। यह सभी पहलें पुलिस आयुक्त के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में लागू की गई हैं, जिनका उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच संवाद को अधिक पारदर्शी, सहयोगात्मक, संवेदनशील एवं परिणामोन्मुखी बनाना हैं। पूर्व में पुलिस और नागरिकों के बीच संवाद का दायरा अपेक्षाकृत अधिक होने के कारण कई बार अनावश्यक टकराव एवं असहमति की स्थिति उत्पन्न हो जाती थी, जिससे शिकायतों के निस्तारण में जटिलता तथा पुलिस बल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता था। पुलिस आयुक्त के दूरदर्शी नेतृत्व में इस संवाद प्रक्रिया को पुनः व्यवस्थित कर संतुलित बनाया गया हैं, जिससे पुलिस अब अपने समय और ऊर्जा को कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण एवं त्वरित निस्तारण पर केंद्रित कर पा रही हैं।
प्रमुख पहलें इस प्रकार हैं:
1. शिष्टाचार संवाद नीति
नागरिकों से संवाद के दौरान पुलिस कर्मियों के व्यवहार को और अधिक शालीन एवं संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से शिष्टाचार संवाद नीति लागू की गई हैं। इसके अंतर्गत पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया गया हैं कि वे संवाद के दौरान संयम, धैर्य एवं सम्मानजनक भाषा का प्रयोग करें। “तुम/तू” के स्थान पर “आप” शब्द का प्रयोग, महिलाओं, बच्चों, दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों एवं ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के साथ विशेष संवेदनशीलता, कॉल व व्यक्तिगत मोबाइल फोन पर शालीन भाषा, नाम के साथ “जी” का प्रयोग तथा जाति-धर्म से जुड़े विषयों में अत्यधिक सतर्कता बरतने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
2. वादी संवाद दिवस
न्याय प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं विश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से प्रत्येक बुधवार को सभी थानों में वादी संवाद दिवस आयोजित किया जाता हैं। प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक विवेचनाधीन मामलों (FIR/NCR एवं गुमशुदगी) के वादियों को थाने बुलाकर विवेचना की वर्तमान स्थिति एवं प्रगति की जानकारी दी जाती हैं। इस पहल से पुलिस और पीड़ितों के बीच विश्वास, पारदर्शिता एवं सहयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई हैं।
3. टीम बिल्डिंग, संप्रेषण एवं नेतृत्व पर विशेष प्रशिक्षण
थाना प्रभारियों एवं थानाध्यक्षों के लिए आई.टी.एम. मोहन नगर, गाज़ियाबाद में “Team Building, Communication & Leadership” विषय पर एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इंटरैक्टिव सत्रों, समूह गतिविधियों एवं केस स्टडी के माध्यम से अधिकारियों को प्रभावी नेतृत्व, मौखिक-गैरमौखिक संचार, तनाव प्रबंधन एवं परिस्थितिजन्य नेतृत्व की व्यावहारिक समझ दी गई, जिससे पुलिस बल की कार्यक्षमता एवं जन-विश्वास दोनों में वृद्धि हुई हैं।
4. यातायात पुलिस कर्मियों के लिए व्यवहार प्रशिक्षण
यातायात पुलिस कर्मियों के व्यवहार में सुधार हेतु आईटीएस कॉलेज, मोहन नगर में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें नागरिकों से सहानुभूतिपूर्ण संवाद, शिष्टाचार, तनावपूर्ण परिस्थितियों से निपटने तथा सकारात्मक संचार कौशल पर विशेष सत्र आयोजित किए गए।
5. सम्भ्रान्त व्यक्तियों के साथ संवाद
प्रत्येक थाना क्षेत्र में 100 से अधिक सम्भ्रान्त व्यक्तियों — जैसे चिकित्सक, व्यापारी, उद्योगपति, पार्षद, सामाजिक कार्यकर्ता, मीडियाकर्मी आदि — के साथ संवाद स्थापित किया गया। इस दौरान बीट प्रणाली, पुलिस संपर्क नंबरों का आदान-प्रदान एवं अपराध सूचना तंत्र को मजबूत करने पर चर्चा की गई। थाना क्षेत्रों में पुलिस व्यवस्था की सराहना भी की गई।
6. वरिष्ठ नागरिक सेल का गठन
वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा एवं समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु वरिष्ठ नागरिक सेल का गठन किया गया हैं। यह सेल वरिष्ठ नागरिकों से संबंधित शिकायतों, अपराधों एवं सुरक्षा से जुड़े मामलों में नोडल इकाई के रूप में कार्य कर रही हैं, जिससे बुजुर्गों और पुलिस के बीच विश्वासपूर्ण संबंध विकसित हो रहे हैं।
नागरिकों को होने वाले प्रमुख लाभ:
• शिकायतों का त्वरित एवं संवेदनशील निस्तारण
• थानों में सम्मानजनक एवं सुरक्षित वातावरण
• पुलिस-जनता के बीच विश्वास में वृद्धि
• कानून-व्यवस्था के प्रति सहयोगात्मक भावना का विकास
• पुलिस कर्मियों में सकारात्मक एवं पेशेवर दृष्टिकोण का निर्माण
इन पहलों के सकारात्मक परिणामस्वरूप पुलिस-नागरिक संबंध और अधिक मजबूत हुए हैं। पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद का यह प्रयास नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भविष्य में समाज में सुरक्षा और विश्वास की भावना को और प्रबल करेगा।
Author: The Crime 24 News
Faiez Ali Saifi – Editor-in-Chief / Senior Journalist | Place: Ghaziabad, NCR, Uttar Pradesh, India









