||TC24N|| फाईज़ अली सैफी
गाज़ियाबाद। 1 जुलाई 2024 से लागू भारतीय नागरिक सुरक्षा अधिनियम-2023 (BNSS 2023) की धारा 176(3) के अनुसार, अब पुलिस को ऐसे सभी अपराधों में, जिनमें 7 वर्ष या उससे अधिक की सजा का प्रावधान हैं, घटनास्थल का निरीक्षण फॉरेंसिक विशेषज्ञ (Forensic Expert) से कराना अनिवार्य हैं। इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 18 अगस्त 2025 को राजधानी लखनऊ से 75 मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इसके अंतर्गत आज दिनांक 20 अगस्त 2025 को पुलिस कमिश्नरेट गाज़ियाबाद को आवंटित नवीन मोबाइल फॉरेंसिक वैन फील्ड यूनिट को हस्तांतरित की गई। अब कमिश्नरेट गाज़ियाबाद में कुल 3 फॉरेंसिक वैन सक्रिय हो चुकी हैं, जो क्रमशः नगर जोन, ग्रामीण जोन व ट्रांस-हिण्डन जोन में आपराधिक घटनाओं पर फॉरेंसिक सपोर्ट उपलब्ध कराएंगी।
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस
नवीन वैन में उन्नत स्तर की फॉरेंसिक किट्स उपलब्ध कराई गई हैं, जिनमें शामिल हैं:
• Crime Scene Protection / Cordoning Kit
• Evidence Collection Kit
• Preservation & Packing Kit
• Preliminary Examination Kit
• Narcotics Drug Detection Kit
साथ ही इसमें छोटे रेफ्रिजरेटर, लैपटॉप, वीडियो कैमरा, हार्ड डिस्क आदि भी मौजूद हैं, जिससे घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक साक्ष्यों का संग्रहण, पैकिंग, लेबलिंग और प्रारंभिक जांच की जा सके। रक्त, सीमेन, ड्रग्स आदि की मौके पर जांच भी संभव होगी।
पारदर्शी और त्वरित न्याय की ओर कदम
फॉरेंसिक सपोर्ट की त्वरित उपलब्धता से न्यायिक प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी, समयबद्ध एवं पीड़ित-केंद्रित होगी। शासन का उद्देश्य है कि अपराधियों को शीघ्र दंड मिले और पीड़ितों को जल्द न्याय प्राप्त हो।
Author: The Crime 24 News
Faiez Ali Saifi – Editor-in-Chief / Senior Journalist | Place: Ghaziabad, NCR, Uttar Pradesh, India









