
यूपी-बिहार में भूकंप के झटके।
देर रात यूपी और बिहार दोनों राज्यों के कई हिस्सों में भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए। वहीं भूकंप की वजह से लोगों को घरों से बाहर निकलना पड़ा। हालांकि अभी तक इस भूकंप से किसी जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। राष्ट्रीय भूकंप निगरानी और अनुसंधान केंद्र के अनुसार, सुबह 2.51 बजे काठमांडू से 65 किमी पूर्व में सिंधुपालचौक जिले में कोडारी राजमार्ग पर रिक्टर पैमाने पर 6.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। देर रात एक के बाद एक दो झटके महसूस किए गए। एक भूकंप का केंद्र नेपाल की राजधानी काठमांडू के पास रहा तो वहीं दूसरा बिहार बॉर्डर के पास। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता क्रमश: 6.1 और 5.5 मापी गई है।
क्यों आते हैं भूकंप?
हाल के दिनों में देश-दुनिया के कई इलाकों में भूकंप की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है। हमारी धरती के भीतर 7 टेक्टोनिक प्लेट्स हैं। ये प्लेट्स लगातार अपने स्थान पर घूमते रहती हैं। हालांकि, कभी-कभी इनमें टकराव या घर्षण भी होता है। इसी कारण धरती पर भूकंप की घटनाएं देखने को मिलती हैं। इसका सबसे ज्यादा नुकसान आम जनजीवन को उठाना पड़ता है। भूकंप से मकानें गिर जाती हैं, जिसमें दबकर हजारों लोगों की मौत हो जाती है।
भारत में क्या हैं भूकंप के जोन
भूगर्भ विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के कुल भूभाग के लगभग 59 फीसदी हिस्से को भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। वैज्ञानिकों ने भारत में भूकंप क्षेत्र को जोन-2, जोन-3, जोन-4 व जोन-5 यानी 4 भागों में विभाजित किया है। जोन-5 के इलाकों को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना जाता है, जबकि जोन-2 कम संवेदनशील माना जाता है। हमारे देश की राजधानी दिल्ली भूकंप के जोन-4 में आती है। यहां 7 से अधिक तीव्रता के भी भूकंप आ सकते हैं जिससे बड़ी तबाही हो सकती है।
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Author: The Crime 24 News
Faiez Ali Saifi – Editor-in-Chief / Senior Journalist | Place: Ghaziabad, NCR, Uttar Pradesh, India









