
||TC24N|| फाईज़ अली सैफी
गाज़ियाबाद/लोनी। लोनी क्षेत्र में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हाजी सलमान और हिंदू रक्षा दल से जुड़े कुछ पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के बीच हुए विवाद ने अब तूल पकड़ लिया हैं। मामले में हिंदू रक्षा दल से जुड़े सुमित सूद की तहरीर के आधार पर हाजी सलमान और उनके पक्ष के कुछ लोगों के खिलाफ पुलिस ने सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया हैं। हालांकि, हाजी सलमान ने लगाए गए आरोपों को एकतरफा बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की हैं। हाजी सलमान का कहना हैं कि घटना को जिस तरह से एक पक्ष की शिकायत के आधार पर प्रस्तुत किया जा रहा हैं, उससे वास्तविक घटनाक्रम सामने नहीं आ रहा हैं। उनका दावा हैं कि कुछ लोग योजनाबद्ध तरीके से उनके घर के आसपास पहुंचे और विवाद शुरू किया। विरोध करने पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और मारपीट हुई।
हाजी सलमान का दावा—“हम अपने घर पर थे, हमला करने नहीं गए”
हाजी सलमान के अनुसार, वह अपने घर पर मौजूद थे और कहीं बाहर जाकर किसी विवाद में शामिल नहीं हुए थे। उनका कहना हैं कि दूसरे पक्ष के लोग वहां पहुंचे और उनके साथ विवाद किया। उन्होंने दावा किया कि मौके पर मौजूद लोगों ने घटना के दौरान वीडियो भी बनाए हैं, जिनमें पूरे घटनाक्रम से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। हाजी सलमान का यह भी आरोप हैं कि विवाद के दौरान दूसरे पक्ष की ओर से कथित तौर पर अवैध हथियार प्रदर्शित किया गया। उनका कहना हैं कि मौके पर बनाए गए वीडियो में हथियार दिखाई देने की बात सामने आई हैं और पुलिस को इन वीडियो सहित सभी उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करनी चाहिए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई हैं और पुलिस की जांच में ही यह स्पष्ट होगा कि घटना की शुरुआत किस पक्ष की ओर से हुई तथा हथियार किसके पास था।
मुकदमे में गंभीर आरोप, हाजी सलमान ने मांगी निष्पक्ष जांच
सुमित सूद की ओर से दी गई तहरीर में जानलेवा हमला, जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल, लूटपाट, मोबाइल फोन और सोने की चेन छीनने तथा जान से मारने की धमकी सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया हैं कि हाजी सलमान ने कथित तौर पर पिस्टल की बट से हमला किया। दूसरी ओर, हाजी सलमान इन आरोपों को एकतरफा बताते हुए जांच में घटनास्थल के वीडियो, सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को शामिल किए जाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना हैं कि यदि घटनास्थल से संबंधित वीडियो और अन्य साक्ष्यों की निष्पक्ष तरीके से जांच की जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती हैं।
दोनों पक्षों के बीच सोशल मीडिया पर भी आरोप-प्रत्यारोप
घटना के बाद दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच सोशल मीडिया पर तीखी बहस देखने को मिल रही हैं। दोनों तरफ से एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। ऐसे में यह मामला केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया के माध्यम से भी चर्चा का विषय बन गया हैं। हाजी सलमान का आरोप हैं कि उनके खिलाफ माहौल बनाया जा रहा हैं और मामले को धार्मिक रंग देने का प्रयास किया जा रहा हैं। उनका कहना हैं कि पुलिस को किसी संगठन, व्यक्ति या राजनीतिक दबाव के बजाय उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करनी चाहिए।
विधायक की प्रतिक्रिया के बाद बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
मामले में लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर की प्रतिक्रिया भी सामने आई हैं। उन्होंने हाजी सलमान और उनके सहयोगियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की हैं। वहीं, हाजी सलमान की ओर से विधायक की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। हाजी सलमान का कहना हैं कि किसी भी जनप्रतिनिधि या संगठन की मांग के आधार पर पुलिस को एकतरफा कार्रवाई नहीं करनी चाहिए। उनका कहना हैं कि कानून सभी के लिए समान हैं और यदि उनके खिलाफ आरोप हैं तो जांच के बाद दोष सिद्ध होने पर ही कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
हिंदू रक्षा दल की प्रस्तावित गतिविधि से भी बढ़ी चिंता
विवाद के बीच हिंदू रक्षा दल की ओर से राशिद अली गेट पर हनुमान चालीसा पाठ किए जाने का आह्वान किए जाने की बात भी सामने आई हैं। संगठन से जुड़े लोगों की ओर से गेट का नाम बदलकर ‘श्री बजरंगबली गेट’ करने की बात कहे जाने का भी दावा किया गया हैं। इस घटनाक्रम को देखते हुए स्थानीय स्तर पर पुलिस-प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी एक महत्वपूर्ण चुनौती बन गया हैं। यदि किसी कार्यक्रम या गतिविधि से तनाव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका हैं तो पुलिस को समय रहते आवश्यक सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था संबंधी कदम उठाने होंगे।
एसीपी लोनी ने क्या कहा?
एसीपी लोनी रामकिशन राना के अनुसार, हिंदू रक्षा दल के पदाधिकारी/कार्यकर्ता की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया हैं और आगे विधिक कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि, पुलिस का मुकदमा दर्ज करना किसी आरोपी के दोषी होने का अंतिम प्रमाण नहीं हैं। मामले में आरोपों की सत्यता विवेचना के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तय होगी।
असली सवाल—किसने शुरू किया विवाद?
इस पूरे प्रकरण में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही हैं कि विवाद की शुरुआत किस पक्ष ने की, घटनास्थल पर वास्तव में क्या हुआ, हथियार किसके पास था और मारपीट के दौरान किस पक्ष ने कानून का उल्लंघन किया। इन सवालों के जवाब घटनास्थल के सीसीटीवी कैमरों, मोबाइल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, कॉल डिटेल/इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और बरामदगी जैसी जांच से सामने आ सकते हैं। वहीं, हाजी सलमान का पक्ष हैं कि उन्हें और उनके परिवार को अपने बचाव में प्रतिक्रिया देनी पड़ी तथा उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं, शिकायतकर्ता पक्ष ने हाजी सलमान और उनके साथियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
ऐसे में निष्पक्ष जांच ही यह तय करेगी कि घटना में वास्तविक रूप से दोषी कौन हैं। पुलिस के लिए सबसे महत्वपूर्ण चुनौती यही हैं कि किसी भी दबाव से अलग रहकर दोनों पक्षों के साक्ष्य जुटाए जाएं और जो भी कानून का उल्लंघन करने का दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ समान रूप से कार्रवाई की जाए।
डिस्क्लेमर
इस खबर में शामिल आरोप और दावे संबंधित पक्षों द्वारा दिए गए कथनों/तहरीर पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस स्तर पर नहीं हुई हैं। किसी व्यक्ति को न्यायालय द्वारा दोषी ठहराए जाने तक उसे आरोपी के रूप में ही देखा जाना चाहिए। मामले की अंतिम सच्चाई पुलिस विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया में सामने आएगी।
Author: The Crime 24 News
Faiez Ali Saifi – Editor-in-Chief / Senior Journalist | Place: Ghaziabad, NCR, Uttar Pradesh, India







