||TC24N|| फाईज़ अली सैफी
गाज़ियाबाद। आज बृहस्पतिवार को नए पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गोड ने चार्ज संभाल लिया हैं। 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी जे. रविंदर गोड को यूपी सरकार का भरोसेमंद अधिकारी माना जाता हैं। इससे पहले वह आगरा के पुलिस कमिश्नर थे और उससे पहले सीएम योगी के गृह जनपद गोरखपुर में डीआईजी और आईजी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं।
चार्ज लेते ही उन्होंने जनहित में बड़ा एलान किया – अब हर पुलिस कार्यालय में सुबह 10 बजे से जनसुनवाई होगी, और यदि इसमें लापरवाही बरती गई या भ्रष्टाचार की शिकायत आई, तो सीधे थाना प्रभारी पर गिरेगी गाज – होगा निलंबन।
उन्होंने स्पष्ट किया कि डीसीपी, एडिशनल डीसीपी और एसीपी स्तर के अफसरों को भी सुबह 10 बजे से दफ्तर में मौजूद रहना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही नाइट अफसरों की जिम्मेदारियां भी तय कर दी गई हैं।
जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने की बात करते हुए जे. रविंदर गोड ने कहा कि पुलिस का काम हैं जनता की समस्याओं को प्राथमिकता से सुलझाना। आगरा में उन्होंने सभी थाना प्रभारियों से उनके क्षेत्र के विधायक, सांसद और राज्यसभा सदस्यों के नाम पूछे थे – ताकि पुलिस हर क्षेत्र की राजनीतिक और सामाजिक जिम्मेदारियों को समझे और समन्वय स्थापित करे।
गौकशी रोकने, भूमाफियाओं और स्नेचिंग पर भी सख्ती की चेतावनी दी गई हैं। यदि स्नैचिंग की घटनाएं होती हैं, तो बीट कांस्टेबल से लेकर थाना प्रभारी तक की जवाबदेही तय होगी। वहीं, ट्रैफिक सिस्टम को भी और बेहतर बनाने का वादा किया गया हैं।
जे. रविंदर गोड को पूर्वांचल से लेकर वेस्ट यूपी तक का लंबा प्रशासनिक अनुभव हैं। लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद, अलीगढ़ जैसे संवेदनशील जिलों में बतौर एसएसपी उन्होंने काम किया हैं। लिहाजा, अब देखने वाली बात होगी कि गाज़ियाबाद में कानून व्यवस्था को लेकर उनका ये सख्त रवैया कितना असर दिखाता हैं।
Author: The Crime 24 News
Faiez Ali Saifi – Editor-in-Chief / Senior Journalist | Place: Ghaziabad, NCR, Uttar Pradesh, India









