लोनी में हाजी सलमान प्रकरण को लेकर सियासत और सोशल मीडिया पर संग्राम तेज

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सड़क की बदहाली से शुरू हुआ विवाद अब मुकदमों, विरोध-प्रदर्शनों, आरोप-प्रत्यारोप और सियासी टकराव तक पहुंचा

||TC24N|| फाईज़ अली सैफी

गाज़ियाबाद/लोनी। गाज़ियाबाद के लोनी क्षेत्र में सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर हाजी सलमान से जुड़ा विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा हैं। बारिश के बाद लोनी की बदहाल सड़कों और उनमें फंसे वाहनों को लेकर सोशल मीडिया पर मुद्दा उठाए जाने से शुरू हुआ विवाद अब मारपीट, मुकदमों, कथित धमकी, विरोध-प्रदर्शन, राजनीतिक बयानबाजी, नए आरोपों और सोशल मीडिया पर चल रही अलग-अलग मुहिम तक पहुंच चुका हैं। मामले को लेकर जहां एक ओर हाजी सलमान के समर्थन में लोग सामने आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनके विरोध में भी लगातार आवाजें उठ रही हैं। इस पूरे घटनाक्रम में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों में से किनकी पुष्टि जांच में होती हैं और किनका कोई आधार नहीं निकलता, यह पुलिस की जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया में ही स्पष्ट होगा।

बारिश के बाद टूटी सड़कों का वीडियो सामने आने से शुरू हुआ विवाद

बताया जा रहा हैं कि लोनी क्षेत्र में हाल ही में हुई बारिश के बाद कई स्थानों पर सड़कें खराब हो गई थीं। टूटी और जलभराव वाली सड़कों के कारण यातायात प्रभावित होने तथा वाहनों के फंसने और गिरने जैसे मामलों को लेकर सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर हाजी सलमान ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से वीडियो और पोस्ट के माध्यम से लोनी की बदहाल स्थिति को उजागर किया था। इसी मुद्दे को लेकर स्थानीय भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने आपत्ति जताई और मामला धीरे-धीरे राजनीतिक रंग लेने लगा। इसके बाद दोनों पक्षों से सोशल मीडिया पर बयान और वीडियो सामने आने लगे।

घर पहुंचकर वीडियो बनाने और धमकी देने का आरोप

विवाद के बीच हिंदू रक्षा दल से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं के हाजी सलमान के घर पहुंचने का मामला सामने आया था। आरोप हैं कि वहां उनके द्वारा वीडियो बनाए गए और हाजी सलमान को धमकाने का प्रयास किया गया। हाजी सलमान पक्ष का आरोप हैं कि जब उन्होंने और उनके सहयोगियों ने इसका विरोध किया तो विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई। मारपीट में हिंदू रक्षा दल से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं के घायल होने की बात सामने आई। इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें हिंदू रक्षा दल से जुड़े एक व्यक्ति के हाथ में कथित तौर पर अवैध हथियार दिखाई देने का दावा किया गया। इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। हालांकि, वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली वस्तु वास्तव में क्या थी और उसके संबंध में कोई कानूनी कार्रवाई हुई या नहीं, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।

थाने पहुंचे हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ता, विधायक ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की

मारपीट की घटना के बाद हिंदू रक्षा दल से जुड़े लोग थाना लोनी पहुंचे और पुलिस के समक्ष कार्रवाई की मांग की। बताया गया कि भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने भी पुलिस से मामले में कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की। इसके बाद पुलिस ने उपलब्ध शिकायत और तथ्यों के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। मामले में नामजद और वांछित लोगों को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आए हैं। कुछ लोगों का कहना है कि जिन लोगों के नाम मुकदमे में आए हैं, वे घटना के समय मौके पर मौजूद ही नहीं थे और उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की हैं।

राशिद गेट पर हनुमान चालीसा के ऐलान से बढ़ा था तनाव

विवाद के बाद हिंदू रक्षा दल की ओर से हाजी सलमान पक्ष से जुड़े राशिद गेट पर हनुमान चालीसा पाठ किए जाने का आह्वान किया गया। पहले निर्धारित कार्यक्रम को स्थगित किए जाने के बाद इसे दो दिन बाद आयोजित करने की बात सामने आई थी। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ता राशिद गेट की ओर जाने का प्रयास करते दिखाई दिए। पुलिस ने लोनी तिराहे के पास थाना लोनी की ओर जाने वाले मार्ग पर स्थित सलाम होटल के पास उन्हें रोक दिया। इसके बाद मौके पर हनुमान चालीसा का पाठ किए जाने और नारेबाजी किए जाने की बात सामने आई। इस दौरान राशिद गेट का नाम बदलकर किसी हिंदू नाम पर रखने की मांग भी उठाई गई। पूरे घटनाक्रम के दौरान भारी पुलिस की मौजूदगी रही और स्थिति को नियंत्रित रखने का प्रयास किया गया।

हाजी सलमान के कथित आपत्तिजनक वीडियो से फिर बढ़ा था विवाद

इसी बीच हाजी सलमान का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किए जाने और गंभीर धमकी दिए जाने का आरोप लगाया गया। वीडियो वायरल होने के बाद विवाद और अधिक बढ़ गया। इसके बाद हाजी सलमान पर 25 हज़ार रुपये का इनाम घोषित किए जाने की बात सामने आई। पुलिस ने बाद में हाजी सलमान को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया, जबकि उनके दो अन्य साथियों के फरार होने की जानकारी सामने आई। हालांकि, वायरल वीडियो की वास्तविकता, उसकी पूरी पृष्ठभूमि और उसमें कही गई बातों का कानूनी अर्थ जांच का विषय हैं।

विधायक की ओर से भी वीडियो सामने आया

हाजी सलमान के कथित वीडियो के बाद भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर की ओर से भी सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया गया। इसमें विधायक की ओर से हाजी सलमान को चुनौती और चेतावनी दिए जाने की बात सामने आई। इसके बाद विधायक के खिलाफ कथित अभद्र भाषा और धमकी से जुड़े आरोपों को लेकर थाना लोनी बॉर्डर में भी मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई। इस तरह विवाद अब केवल दो व्यक्तियों तक सीमित नहीं रहा बल्कि दोनों पक्षों के समर्थक भी खुलकर सामने आने लगे।

गणमान्य लोगों ने माहौल शांत कराने के लिए की पहल

लगातार बढ़ते विवाद और क्षेत्र के माहौल को देखते हुए गुर्जर समाज सहित विभिन्न समाजों तथा मुस्लिम समुदाय के गणमान्य लोगों ने बैठक और प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी। बताया जा रहा हैं कि प्रेस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करना और दोनों पक्षों के बीच विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की दिशा में प्रयास करना था। लेकिन, इसी दौरान विधायक नंदकिशोर गुर्जर के मौके पर पहुंचने और वहां मौजूद लोगों के साथ कथित तौर पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल के आरोप भी सामने आए। इस संबंध में अब गणमान्य लोगों की ओर से पुलिस आयुक्त, गाज़ियाबाद कमिश्नरेट के समक्ष शिकायत देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई हैं। इस शिकायत की पुलिस द्वारा जांच की जा रही हैं।

हाजी सलमान के खिलाफ दुष्कर्म का नया मुकदमा

विवाद के बीच हाजी सलमान के खिलाफ एक और गंभीर आरोप सामने आया। एक शिकायती प्रार्थना पत्र के आधार पर नाबालिग बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया कि हाजी सलमान और उसके साथी ने रास्ते में जा रही एक महिला को लिफ्ट देने के बहाने अपनी गाड़ी में बैठाया और उसकी नाबालिग बच्ची के साथ कथित रूप से दुष्कर्म किया। यह बेहद गंभीर आरोप हैं। ऐसे मामले में आरोप की पुष्टि केवल पुलिस जांच, साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही हो सकती हैं। किसी व्यक्ति को केवल आरोप के आधार पर दोषी मानना उचित नहीं होगा।

कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जे का आरोप भी जांच के घेरे में

हाजी सलमान से जुड़े विवाद में कब्रिस्तान की जमीन पर कथित कब्जे का एक अन्य मामला भी सामने आया हैं। आरोप लगाया गया हैं कि कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा हैं। इस संबंध में भी शिकायत दिए जाने की बात कही जा रही हैं और संबंधित स्तर पर जांच किए जाने की जानकारी सामने आई हैं। जमीन से जुड़े इस विवाद में वास्तविक स्थिति राजस्व अभिलेखों, मौके की जांच और संबंधित विभाग की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

हाजी सलमान के समर्थन में अधिवक्ताओं ने खोला मोर्चा

मामला बढ़ने के बाद भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने गाज़ियाबाद बार एसोसिएशन से अपील की थी कि कोई अधिवक्ता हाजी सलमान का मुकदमा न लड़े। विधायक ने स्वयं को अधिवक्ता बताते हुए अपने अधिवक्ता साथियों से यह अपील की थी। इसके बाद मुस्लिम समुदाय सहित विभिन्न लोगों की ओर से इसका विरोध किया गया और कई अधिवक्ताओं ने हाजी सलमान का पक्ष न्यायालय में रखने की बात कही। अब हाजी सलमान की कानूनी लड़ाई को लेकर अधिवक्ताओं की एक टीम सक्रिय होने की बात सामने आ रही हैं, जो न्यायालय में उनके पक्ष को मजबूती से रखने की तैयारी कर रही हैं।

सोशल मीडिया पर दो धड़ों में बंटे लोग

इस पूरे प्रकरण का सबसे ज्यादा असर सोशल मीडिया पर दिखाई दें रहा हैं। एक तरफ हाजी सलमान के समर्थन में बड़ी संख्या में लोग वीडियो बनाकर सामने आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर नंदकिशोर गुर्जर और हिंदू रक्षा दल के समर्थक भी लगातार सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दें रहे हैं। कई राज्यों से हाजी सलमान के समर्थन में वीडियो सामने आने का दावा किया जा रहा हैं। उनके समर्थक उन्हें निर्दोष बताते हुए न्याय दिलाने की बात कह रहे हैं। वहीं, विरोधी पक्ष की ओर से उनके खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की जा रही हैं। सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो में हाजी सलमान के कथित पुराने डायलॉग अथवा आवाज का इस्तेमाल कर नए वीडियो बनाए जा रहे हैं। इनमें दिव्यांग व्यक्तियों को लेकर बनाए गए कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे हैं। ऐसे वीडियो को लेकर भी तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

परिवार की ओर से भी सामने आया समर्थन

हाजी सलमान के परिवार की एक महिला का वीडियो भी सामने आया हैं, जिसमें उसने शासन-प्रशासन और आम जनता से अपील करते हुए हाजी सलमान को निर्दोष बताया हैं। परिवार का दावा हैं कि हाजी सलमान को जानबूझकर फंसाया जा रहा हैं और उन्होंने केवल अपने तथा अपने परिवार की सुरक्षा के लिए प्रतिक्रिया दी थी। हालांकि, परिवार की ओर से किए गए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई हैं और मामले में पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी।

मुकदमे में नाम आए कुछ लोगों ने भी जताई आपत्ति

पहले दर्ज मुकदमे में वांछित अथवा नामजद बताए जा रहे कुछ लोगों की ओर से भी दावा किया गया हैं कि घटना के समय वे मौके पर मौजूद नहीं थे। ऐसे लोगों ने पुलिस और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा हैं कि उन्हें गलत तरीके से मामले में घसीटा जा रहा हैं। उनका कहना हैं कि यदि पुलिस निष्पक्ष तरीके से सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच करे तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती हैं।

नंदकिशोर गुर्जर समर्थक और हिंदू रक्षा दल भी सक्रिय

दूसरी ओर विधायक नंदकिशोर गुर्जर के समर्थक भी लगातार सक्रिय हैं। हिंदू रक्षा दल की ओर से भी हाजी सलमान के खिलाफ बयान और भाषण सामने आने की बात कही जा रही हैं। कुछ वीडियो में विशेष समुदाय को निशाना बनाए जाने के आरोप भी सामने आए हैं। ऐसे बयानों और वीडियो को लेकर पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग महत्वपूर्ण हो गई हैं, क्योंकि किसी भी प्रकार की भड़काऊ या आपत्तिजनक सामग्री क्षेत्र की कानून-व्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं।

पुलिस और प्रशासन की सोशल मीडिया पर पैनी नजर

लगातार बढ़ते विवाद को देखते हुए गाज़ियाबाद पुलिस और जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा हैं। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पूरे घटनाक्रम की निगरानी किए जाने की जानकारी सामने आई हैं। पुलिस सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले वीडियो और बयानों पर भी नजर रख रही हैं। अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्षेत्र में शांति बनाए रखने के साथ-साथ सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच करना हैं।

अब आगे क्या?

हाजी सलमान की गिरफ्तारी के बाद उनके खिलाफ दर्ज विभिन्न मामलों की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही हैं। उनकी जमानत कब होगी, किन मामलों में उन्हें राहत मिलेगी अथवा किन मामलों में जांच आगे बढ़ेगी, यह संबंधित न्यायालय के निर्णय और पुलिस की विवेचना पर निर्भर करेगा। वहीं, विधायक नंदकिशोर गुर्जर के खिलाफ दी गई शिकायत, हाजी सलमान के खिलाफ दर्ज नए मुकदमे, कब्रिस्तान की जमीन से जुड़े आरोप और पहले हुए विवाद की पुलिस जांच भी महत्वपूर्ण हैं। इस पूरे प्रकरण में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग आरोप लगाए जा रहे हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं और वायरल वीडियो को अंतिम सत्य मानने के बजाय पुलिस जांच, उपलब्ध साक्ष्यों और न्यायालय की प्रक्रिया पर भरोसा करना ही उचित होगा।

फिलहाल, लोनी का यह विवाद सड़क की बदहाली से शुरू होकर राजनीतिक टकराव, सामाजिक संगठनों की सक्रियता, मुकदमों और सोशल मीडिया की जंग तक पहुंच चुका हैं। आने वाले दिनों में पुलिस की जांच और न्यायालय की कार्यवाही से ही यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई हैं और इस पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर क्या हैं।

The Crime 24 News
Author: The Crime 24 News

Faiez Ali Saifi – Editor-in-Chief / Senior Journalist | Place: Ghaziabad, NCR, Uttar Pradesh, India

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