||TC24N|| फाईज़ अली सैफी
गाज़ियाबाद। एसआईआर (Special Intensive Revision) सर्वे के दौरान एक गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का मामला सामने आया हैं। आज़ाद समाज पार्टी के प्रदेश महासचिव एवं वरिष्ठ नेता निज़ाम चौधरी को सर्वे करने वाले बीएलओ द्वारा गलती से मृत घोषित कर दिया गया। वहीं, मामले का खुलासा तब हुआ जब निज़ाम चौधरी ने मतदाता सूची की जांच की। सूची में निगम चौधरी का नाम मृतक के रूप में दर्ज पाए जाने पर उन्होंने तत्काल आपत्ति दर्ज कराई और मुरादनगर नगर पालिका परिषद के माध्यम से संबंधित बीएलओ से संपर्क किया। बीएलओ से बातचीत के दौरान उन्होंने इसे “मानवीय भूल” बताया। इसके बाद इस पूरे प्रकरण की जानकारी उप जिलाधिकारी (एसडीएम) गाज़ियाबाद को दी गई। एसडीएम ने निज़ाम चौधरी से बातचीत कर आश्वासन दिया कि सूची में आवश्यक सुधार किया जाएगा और निगम चौधरी को पुनः जीवित मतदाता के रूप में दर्ज किया जाएगा। निज़ाम चौधरी ने स्पष्ट रूप से कहा कि “न तो उनके द्वारा किसी प्रकार का एसआईआर फॉर्म भरा गया और न ही किसी बीएलओ से कोई संपर्क हुआ। बिना मौके पर पहुंचे, बिना सत्यापन और बिना व्यक्ति से मिले ही उन्हें मृत घोषित कर देना बेहद गंभीर लापरवाही हैं।”
सर्वे प्रक्रिया पर सवाल
इस घटना के बाद बीएलओ की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना हैं कि: • बीएलओ अधिकांश मामलों में घर-घर जाकर सर्वे नहीं कर रहे • बिना वास्तविक जानकारी के एक ही स्थान पर बैठकर रिपोर्ट तैयार की जा रही हैं • इससे सरकारी रिकॉर्ड में गलत आंकड़े दर्ज हो रहे हैं।
उच्च अधिकारियों से कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने मांग की हैं कि ऐसे लापरवाह बीएलओ के खिलाफ उच्च अधिकारियों को संज्ञान लेना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की गंभीर गलतियों की पुनरावृत्ति न हो। गलत सर्वे न केवल व्यक्ति के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करता हैं, बल्कि सरकार तक पहुंचने वाले आंकड़ों की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लगाता हैं।
Author: The Crime 24 News
Faiez Ali Saifi – Editor-in-Chief / Senior Journalist | Place: Ghaziabad, NCR, Uttar Pradesh, India









