||TC24N|| फाईज़ अली सैफी
गाज़ियाबाद। कमिश्नरेट गाज़ियाबाद की स्वॉट टीम क्राइम ब्रांच और थाना क्रॉसिंग रिपब्लिक पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ऑर्बिट प्लाज़ा स्थित एक बड़े फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया हैं। यह कॉल सेंटर विदेशी नागरिकों को हेल्थ सर्विसेज देने के नाम पर ठग रहा था। पुलिस ने मास्टरमाइंड मोनू उर्फ मनीष समेत 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया हैं, जबकि 03 युवतियों सहित कई अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
कैसे करते थे ठगी?
पुलिस के मुताबिक, यह कॉल सेंटर वर्ष 2018 से सक्रिय था और अमेरिकी नागरिकों का डाटा चोरी कर उन्हें टारगेट करता था। • कर्मचारियों को अमेरिकी उच्चारण में बोलने की ट्रेनिंग दी जाती थी। • Medicare Health Services और अन्य हेल्थ कंपनियों का प्रतिनिधि बनकर अमेरिकी नागरिकों से संपर्क किया जाता था। • मेडिकल इतिहास, आर्थिक स्थिति और निजी जानकारी हासिल करने के बाद झांसा देकर हेल्थ सर्विस की फर्जी लीड तैयार की जाती थी। • पूरी जानकारी विदेश में बैठे साथियों TONY और JAKE को बेची जाती थी, जिससे भारी मुनाफा कमाया जाता था।
बरामद सामान
कार्रवाई में पुलिस ने कॉल सेंटर से भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं—
• 25 डेस्कटॉप, 25 कीबोर्ड, 25 माउस, 25 हेडफोन
• 11 यूपीएस, 09 राउटर, 01 लैपटॉप
• 02 मोबाइल, 03 मोहर, उपस्थिति रजिस्टर
• मेडिकेयर स्क्रिप्ट की छायाप्रति
• ₹20,000 नगद और एक एंडेवर कार
संचालन में शामिल लोग
• मास्टरमाइंड – मोनू उर्फ मनीष
• HR मैनेजर – रुचिता (फरार)
• IT विभाग – अजय यादव
• असिस्टेंट मैनेजर – शिवम त्यागी
• अन्य आरोपी – सूजल त्यागी, रजनीश कुमार, हिमांशु वर्मा, मोहित, संजीव यादव, प्रकाश सिंह नेगी, हिमांशु कौशिक, अंकुर।
पुलिस की कार्रवाई
एडीसीपी अपराध पीयूष सिंह ने बताया कि इस कॉल सेंटर में करीब 25 लोग कार्यरत थे। ठगी की रकम पर कर्मचारियों को अतिरिक्त इंसेंटिव भी दिया जाता था। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया हैं और फरार आरोपियों की तलाश जारी हैं। पुलिस आयुक्त ने टीम को इस बड़ी सफलता पर बधाई दी हैं।
Author: The Crime 24 News
Faiez Ali Saifi – Editor-in-Chief / Senior Journalist | Place: Ghaziabad, NCR, Uttar Pradesh, India









