

||TC24N|| फाईज़ अली सैफी
गाज़ियाबाद। कोविड के बाद से बढ़ी ऑनलाइन व्यावसायिक गतिविधियों के साथ साइबर अपराध के मामलों में भी तेज़ी आई हैं। गाज़ियाबाद में केवल जुलाई माह तक ही 11,000 से अधिक साइबर फ्रॉड की शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। बढ़ते मामलों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार सोमवार को पुलिस लाइन्स, कमिश्नरेट गाज़ियाबाद में साइबर थाने एवं सभी थानों की साइबर सेल के अधिकारियों/कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। वहीं, कार्यशाला में अपर पुलिस उपायुक्त अपराध, थाना प्रभारी साइबर क्राइम, साइबर थाने एवं साइबर सेल के सभी अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। इस दौरान नेशनल साइबर क्राइम ट्रेनिंग सेंटर (CyTrain) द्वारा “Responder Track” कोर्स के तहत चरणबद्ध तरीके से साइबर फ्रॉड शिकायतों पर पुलिस की कार्यवाही संबंधी ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया।
साइबर फ्रॉड शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया में बदलाव
पहले 5 लाख रुपये तक के साइबर फ्रॉड मामलों की एफआईआर स्थानीय थानों में और 5 लाख रुपये से अधिक के मामलों की एफआईआर साइबर थाने में दर्ज होती थी, लेकिन अब यह बाध्यता समाप्त कर दी गई हैं। अब कोई भी पीड़ित साइबर थाने या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करा सकता हैं।
स्टाफ और संसाधन में बढ़ोतरी
वर्तमान में थाना साइबर क्राइम में 5 निरीक्षक, 27 उपनिरीक्षक, 33 मुख्य आरक्षी/आरक्षी और 1 कंप्यूटर ऑपरेटर कार्यरत हैं। हाल ही में क्षमता बढ़ाने के लिए 21 नए उपनिरीक्षक की नियुक्ति की गई हैं। आने वाले समय में और निरीक्षक एवं आरक्षी भी तैनात किए जाएंगे, साथ ही संसाधनों में भी वृद्धि की जाएगी, ताकि मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित हो सके।
Author: The Crime 24 News
Faiez Ali Saifi – Editor-in-Chief / Senior Journalist | Place: Ghaziabad, NCR, Uttar Pradesh, India









