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गाज़ियाबाद में सुपारी किलिंग की साजिश का भंडाफोड़, फायरिंग कर हत्या का प्रयास करने वाले चार शूटर गिरफ्तार

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||TC24N|| फाईज़ अली सैफी

गाज़ियाबाद। थाना लिंकरोड पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी हैं। 17 जून 2025 को हुए फायरिंग और हत्या के प्रयास की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने सुपारी लेकर हत्या की साजिश रचने वाले चार शूटरों को गिरफ्तार कर लिया हैं। दरअसल, प्रकरण की शुरुआत तब हुई, जब रामप्रस्था कॉलोनी निवासी वादी अमित किशोर जैन ने शिकायत दी कि अज्ञात बदमाशों ने उस पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की, जिसमें वह घायल हो गया। इस पर थाना लिंक रोड पर धारा 307, 120B, 34 आईपीसी तथा संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।

साजिश की परतें खुलीं – सुपारी किलिंग का पर्दाफाश

डीसीपी ट्रांस हिंडन दशरथ निमेष पाटिल के अनुसार, पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस हत्या की साजिश जेल से बाहर आए कुख्यात आरोपी अनुराग गर्ग ने रची थी। अनुराग गर्ग वही व्यक्ति हैं, जो Webwork Trade Links नामक कंपनी के जरिए 2.5 लाख लोगों से 5000 करोड़ रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी में आरोपी रह चुका हैं। अनुराग गर्ग ने अपनी संपत्तियों के सील होने से नाराज होकर अमित किशोर जैन की हत्या की सुपारी 5 लाख रुपये में दी थी। उसने यह काम अमित यादव नामक युवक को सौंपा, जिसने आगे अपने दोस्त प्रियांशु गौतम उर्फ यशु, प्रियांशु तेवतिया, और अश्वनी उर्फ दिलावर को इस अपराध में शामिल किया।

प्लानिंग, रेकी और फायरिंग – पूरी घटना क्रम

आपको बता दें कि डीसीपी के मुताबिक, चारों आरोपियों ने एक सुनियोजित योजना के तहत अमित जैन के घर की रेकी की। 16 जून 2025 को अमित यादव ने प्रियांशु तेवतिया और अश्वनी उर्फ दिलावर को हथियारों के साथ भेजा। वहीं, दोनों ने रामप्रस्था कॉलोनी में फायरिंग कर दी और जान से मारने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपियों की लोकेशन का पता लगाकर एक-एक कर उन्हें गिरफ्तार किया। एक आरोपी को 6 जुलाई को लालकुआं से मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किया गया, जबकि दो अन्य को मुठभेड़ के दौरान घायल अवस्था में दबोचा गया।

बरामदगी और आपराधिक इतिहास

पुलिस ने आरोपियों के पास से एक तमंचा, कारतूस, घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल बरामद की हैं। मुख्य आरोपी अनुराग गर्ग के खिलाफ 56 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें धोखाधड़ी, कोर्ट के आदेशों की अवमानना जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।

Webwork Scam का मास्टरमाइंड निकला अनुराग गर्ग
डीसीपी के तहत, अनुराग गर्ग ने 2013 से 2016 तक गाज़ियाबाद में प्रॉपर्टी डीलिंग की और बाद में Webwork Trade Links नामक कंपनी बनाई। इस कंपनी ने सोशल मीडिया पर विज्ञापन देखने के नाम पर निवेशकों को जोड़ने का झांसा दिया। इस पोंजी स्कीम से 2 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए और लगभग 500 करोड़ रुपये की ठगी की गई। 2017 में नोएडा पुलिस द्वारा गिरफ्तार होने के बाद अनुराग गर्ग जमानत पर रिहा हुआ, और अब हत्या की सुपारी देकर फिर से अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया।

सेलिब्रिटी प्रचार से बढ़ाया गया भरोसा

जानकारी के अनुसार, Webwork कंपनी ने अपने प्रचार के लिए शाहरुख़ ख़ान और नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी जैसे बड़े बॉलीवुड सितारों का इस्तेमाल किया था, जिससे आम लोगों को कंपनी पर भरोसा हो गया।

The Crime 24 News
Author: The Crime 24 News

Faiez Ali Saifi – Editor-in-Chief / Senior Journalist | Place: Ghaziabad, NCR, Uttar Pradesh, India

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