||TC24N|| फाईज़ अली सैफी
गाज़ियाबाद। कमिश्नरेट गाज़ियाबाद पुलिस द्वारा आम जनता को त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में पुलिस आयुक्त के निर्देशन में बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को कमिश्नरेट गाज़ियाबाद के सभी थानों पर ‘वादी संवाद दिवस’ का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न थानों पर पहुंचे वादियों से संबंधित विवेचकों ने सीधे संवाद स्थापित किया और उनके प्रकरणों की वर्तमान स्थिति एवं जांच की प्रगति के संबंध में जानकारी दी। गाज़ियाबाद पुलिस की इस पहल का मुख्य उद्देश्य वादियों और पुलिस के बीच संवाद को मजबूत करना, लंबित मामलों की विवेचना में पारदर्शिता बनाए रखना तथा फरियादियों को उनके प्रकरणों से संबंधित सही एवं समयबद्ध जानकारी उपलब्ध कराना हैं। पुलिस का मानना है कि प्रभावी संवाद से आम जनता का पुलिस व्यवस्था के प्रति विश्वास बढ़ता हैं और न्याय की प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह बनाया जा सकता हैं।
सभी थानों पर आयोजित हुआ वादी संवाद दिवस
पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट गाज़ियाबाद के निर्देशन में लागू वादी संवाद नीति के अंतर्गत प्रत्येक बुधवार को सभी थानों पर वादी संवाद दिवस आयोजित किया जाता हैं। इसी व्यवस्था के तहत 14 अक्टूबर को भी कमिश्नरेट के नगर, ट्रांस हिंडन और ग्रामीण जोन के समस्त थानों पर वादियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विवेचनाधीन अभियोगों से संबंधित वादियों को थानों पर आमंत्रित किया गया। इनमें एफआईआर, एनसीआर तथा गुमशुदगी से संबंधित मामलों के वादी शामिल रहे। संबंधित विवेचकों ने उनसे बातचीत कर उनके मामलों में अब तक हुई कार्रवाई, विवेचना की वर्तमान स्थिति और जांच में हुई प्रगति के बारे में जानकारी साझा की।
वादियों के सवालों का दिया गया जवाब
वादी संवाद दिवस के दौरान पुलिस अधिकारियों एवं विवेचकों ने वादियों की समस्याओं और सवालों को गंभीरता से सुना। उन्हें उनके प्रकरणों से संबंधित उपलब्ध तथ्यों के आधार पर उचित जानकारी दी गई। पुलिस की ओर से वादियों के प्रश्नों का तथ्यात्मक एवं संतोषजनक उत्तर देने का प्रयास किया गया, ताकि उन्हें अपने मामले की स्थिति को समझने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। इस पहल के माध्यम से पुलिस और वादियों के बीच सीधे संवाद का अवसर उपलब्ध कराया जाता हैं। इससे वादियों को अपने प्रकरण की प्रगति जानने, विवेचना से संबंधित सवाल पूछने तथा अपनी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों के सामने रखने का अवसर मिलता हैं।
जोनवार 205 वादियों ने लिया संवाद में हिस्सा
14 अक्टूबर 2026 को आयोजित वादी संवाद दिवस में कमिश्नरेट गाज़ियाबाद के तीनों जोन में कुल 205 वादी संवाद के लिए थानों पर उपस्थित हुए। पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार जोनवार विवरण इस प्रकार हैं। जिसमें, आंकड़ों के अनुसार ग्रामीण जोन में सबसे अधिक 73 वादी संवाद के लिए पहुंचे। वहीं, ट्रांस हिंडन जोन में 68 और नगर जोन में 64 वादियों ने संबंधित थानों पर पहुंचकर अपने मामलों की जानकारी प्राप्त की।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर पुलिस का जोर
गाज़ियाबाद पुलिस के अनुसार वादी संवाद दिवस केवल एक नियमित कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनसरोकारों से जुड़ी ऐसी पहल हैं, जिसके माध्यम से प्रत्येक वादी को अपने प्रकरण के संबंध में सही जानकारी समय पर उपलब्ध कराने और न्याय प्रक्रिया के प्रति विश्वास बनाए रखने का प्रयास किया जाता हैं। पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए जरूरी हैं कि शिकायतकर्ताओं को उनके मामलों की प्रगति से अवगत कराया जाए और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए। वादी संवाद दिवस इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर संचालित किया जा रहा हैं। इस व्यवस्था से विवेचना के दौरान संवाद की निरंतरता बनाए रखने, वादियों की शंकाओं का समाधान करने और पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती हैं।
जनकेन्द्रित पुलिसिंग को आगे बढ़ाने की पहल
कमिश्नरेट गाज़ियाबाद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पुलिस आयुक्त के निर्देशन में वादी संवाद दिवस के माध्यम से जनता के साथ आपसी सहयोग और विश्वास को और अधिक मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा हैं। पुलिस का उद्देश्य है कि प्रत्येक वादी को अपने मामले के संबंध में आवश्यक जानकारी मिले और उसे न्याय की प्रक्रिया में अपनी बात रखने का उचित अवसर प्राप्त हो। पुलिस के अनुसार भविष्य में भी जनकेन्द्रित पुलिसिंग को बढ़ावा देने के लिए इस प्रकार के नवाचार और जनसंपर्क से जुड़े कार्यक्रम जारी रखे जाएंगे।
निष्कर्ष: गाज़ियाबाद कमिश्नरेट के सभी थानों पर आयोजित वादी संवाद दिवस के तहत 205 वादियों से संवाद किया गया। इस पहल के जरिए पुलिस ने विवेचनाधीन मामलों की स्थिति से फरियादियों को अवगत कराने, उनकी समस्याओं को सुनने और पुलिस-जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने पर जोर दिया। अब इस पहल की प्रभावशीलता इस बात से भी आंकी जाएगी कि वादियों को आगे की कार्रवाई की जानकारी कितनी नियमित रूप से मिलती हैं और उनके मामलों में नियमानुसार कितनी प्रभावी प्रगति होती हैं।
Author: The Crime 24 News
Faiez Ali Saifi – Editor-in-Chief / Senior Journalist | Place: Ghaziabad, NCR, Uttar Pradesh, India