लोनी के ट्रोनिका सिटी में प्रॉपर्टी विवाद के चलते हत्या की आशंका, दुकान बंद करने के बाद लापता हुए थे कारोबारी; पंचलोक गांव के पास गड्ढों में मिला शव, पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
||TC24N|| फाईज़ अली सैफी
गाज़ियाबाद/लोनी। दिल्ली से सटे गाज़ियाबाद के लोनी क्षेत्र में हार्डवेयर कारोबारी की निर्मम हत्या का मामला सामने आने से इलाके में सनसनी फैल गई। ट्रोनिका सिटी थाना क्षेत्र में रहने वाले 45 वर्षीय हार्डवेयर कारोबारी विनोद गुप्ता का शव सोमवार सुबह पंचलोक गांव के पास गड्ढों में पड़ा मिला। मृतक के शरीर पर चाकू से वार किए जाने के एक दर्जन से अधिक निशान मिलने की बात सामने आई हैं। कारोबारी रविवार शाम अपनी दुकान बंद करने के बाद से लापता थे। परिजनों ने प्रॉपर्टी विवाद को हत्या की वजह बताते हुए कारोबारी के किरायेदार बिलाल, उसके भाई गुलजार और चचेरे भाई फरमान समेत अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी हैं।
दुकान बंद करने के बाद लापता हुए थे कारोबारी
जानकारी के अनुसार, विनोद गुप्ता ट्रोनिका सिटी थाना क्षेत्र के राजधानी एंक्लेव में अपनी पत्नी बबीता और दो बेटों कार्तिक व सागर के साथ रहते थे। उनकी दिल्ली-सहारनपुर रोड पर घर से करीब 50 मीटर की दूरी पर शिव सैनेटरी स्टोर के नाम से हार्डवेयर की दुकान थी। कारोबार के साथ-साथ वह प्रॉपर्टी खरीदने और बेचने का काम भी करते थे। उन्होंने कई दुकानें किराये पर भी दे रखी थीं। परिजनों के मुताबिक, रविवार शाम करीब साढ़े सात बजे विनोद गुप्ता अपनी दुकान बंद करके पैदल घर पहुंचे थे। उस दौरान वह मोबाइल फोन पर किसी से बातचीत कर रहे थे। आरोप हैं कि घर पहुंचने के बाद वह अंदर आने के बजाय बाहर से ही अपनी पत्नी को जानकारी देकर कुछ लोगों के साथ जाने की बात कहकर चले गए। इसके बाद वह घर वापस नहीं लौटे। परिजनों को शुरुआत में लगा कि वह किसी काम से बाहर गए होंगे, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं आने पर उनकी तलाश शुरू कर दी गई। देर रात तक कोई जानकारी नहीं मिलने से परिवार की चिंता बढ़ गई।
किरायेदार और उसके रिश्तेदारों के साथ जाने की बात कही थी
मृतक के बेटे कार्तिक के अनुसार, उनके पिता ने घर के बाहर से ही बताया था कि वह गिरी मार्केट कॉलोनी निवासी बिलाल, उसके भाई गुलजार और डाबर तालाब निवासी अपने चचेरे भाई फरमान के साथ जा रहे हैं। कार्तिक ने बताया कि बिलाल ने उनके पिता की एक दुकान किराये पर ले रखी थी, जहां वह स्टीकर बनाने का काम करता था। पिता के काफी देर तक घर नहीं लौटने पर कार्तिक अपने मामा के साथ बिलाल के घर पहुंचे और उनसे विनोद गुप्ता के बारे में पूछताछ की। परिजनों का आरोप हैं कि पूछने पर बिलाल ने बताया कि वह विनोद गुप्ता को कार से उनके घर के पास छोड़कर आया था। हालांकि, कारोबारी घर नहीं पहुंचे थे। इसके बाद परिजनों ने अपने स्तर पर उनकी तलाश तेज कर दी।
सीसीटीवी फुटेज खंगाले, लेकिन नहीं मिला कोई सुराग
कारोबारी के लापता होने के बाद परिजनों ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली। कार्तिक के मुताबिक, फुटेज में उनके पिता रविवार रात करीब आठ बजे घर के पास से जाते हुए दिखाई दिए थे। इसके बाद परिवार के सदस्यों ने विभिन्न स्थानों पर उनकी तलाश की, लेकिन रातभर कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। परिवार को उम्मीद थी कि विनोद गुप्ता जल्द घर लौट आएंगे, लेकिन सोमवार सुबह मिली सूचना ने पूरे परिवार को झकझोर दिया।
सोमवार सुबह गड्ढों में मिला शव
सोमवार सुबह करीब 11 बजे पंचलोक गांव के पास गड्ढों में एक व्यक्ति का शव पड़े होने की सूचना मिली। बताया गया कि एक व्यक्ति वहां अपनी भैंस चरा रहा था, तभी उसकी नजर शव पर पड़ी। उसने इसकी जानकारी संबंधित लोगों को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और शव की पहचान कराने की कार्रवाई शुरू की। मृतक की पहचान हार्डवेयर कारोबारी विनोद गुप्ता के रूप में हुई। सूचना मिलने पर परिजन भी घटनास्थल पर पहुंचे। परिवार में शोक छा गया और इलाके में हत्या की खबर फैलते ही लोगों की भीड़ जुटने लगी। शव की स्थिति और शरीर पर मिले चोटों के निशानों को देखते हुए मामला गंभीर नजर आया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, कारोबारी के शरीर पर चाकू से वार किए जाने के एक दर्जन से अधिक निशान मिले हैं। हत्या की वास्तविक परिस्थितियों और वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार के संबंध में पुलिस जांच कर रही हैं।
सहायक पुलिस आयुक्त लोनी ने घटनास्थल का किया निरीक्षण
घटना की सूचना मिलने के बाद सहायक पुलिस आयुक्त लोनी रामकिशन घटनास्थल पर पहुंचे। एसीपी ने मौके का निरीक्षण कर घटनाक्रम की जानकारी ली। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए, ताकि वारदात से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने घटनास्थल की परिस्थितियों, शव की स्थिति और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। इसके साथ ही मृतक के परिवार से जानकारी लेकर उन लोगों के संबंध में भी पड़ताल की जा रही हैं, जिनके साथ कारोबारी के जाने की बात सामने आई हैं।
प्रॉपर्टी विवाद में हत्या का आरोप
मृतक के बेटे कार्तिक ने बिलाल, उसके भाई गुलजार, चचेरे भाई फरमान और अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया हैं। परिजनों का आरोप है कि प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद के कारण विनोद गुप्ता की हत्या की गई। परिवार ने बिलाल के व्यवहार को लेकर भी संदेह जताया हैं। कार्तिक के अनुसार, जब वह अपने मामा के साथ रात में बिलाल के घर पहुंचे तो बिलाल घबराया हुआ दिखाई दिया। उन्होंने उसके दाहिने होंठ के ऊपर कटने से लगी ताजा चोट का निशान भी देखा। कार्तिक का कहना हैं कि चोट के बारे में पूछने पर बिलाल ने बताया था कि शराब पीने के दौरान उसके साथी के साथ झगड़ा हो गया था और इसी दौरान चोट लगने के कारण उसे टांके लगवाने पड़े थे। परिजनों को इस स्पष्टीकरण पर संदेह हैं। उनका आरोप है कि तीनों ने मिलकर उनके पिता की हत्या की हैं। हालांकि, ये आरोप फिलहाल परिजनों की ओर से लगाए गए हैं। आरोपों की पुष्टि और हत्या में प्रत्येक व्यक्ति की कथित भूमिका का निर्धारण पुलिस जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगा।
किरायेदारी और संपत्ति से जुड़े पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण
विनोद गुप्ता हार्डवेयर की दुकान चलाने के साथ संपत्ति खरीदने-बेचने का काम भी करते थे और उनकी कई दुकानें किराये पर थीं। ऐसे में पुलिस के लिए कारोबारी के संपत्ति संबंधी लेन-देन, किरायेदारी से जुड़े विवादों और परिचित लोगों के साथ उनके संबंधों की पड़ताल करना महत्वपूर्ण हो सकता हैं। जांच के दौरान रविवार शाम से लेकर सोमवार सुबह तक कारोबारी की गतिविधियों, उनके मोबाइल फोन पर हुई बातचीत, सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों से वारदात की कड़ियां जोड़ने में मदद मिल सकती हैं। परिजनों द्वारा बताए गए घटनाक्रम और संदिग्धों के संबंध में सामने आए तथ्यों का सत्यापन भी जांच का अहम हिस्सा होगा।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगा हत्या का पूरा घटनाक्रम
ट्रोनिका सिटी क्षेत्र में हुई इस वारदात ने कारोबारी की सुरक्षा और संपत्ति विवादों से जुड़े संभावित आपराधिक मामलों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। रविवार शाम दुकान बंद करने के बाद लापता हुए विनोद गुप्ता का शव सोमवार सुबह मिलना और शरीर पर चाकू से कई वार के निशान पाए जाने की जानकारी मामले को और गंभीर बनाती हैं। फिलहाल, पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती हैं कि कारोबारी की हत्या कब, कहां और किन परिस्थितियों में की गई तथा वारदात में कौन-कौन शामिल था। परिजनों ने जिन लोगों के खिलाफ आरोप लगाए हैं, उनकी भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
इस मामले में पुलिस की जांच, फॉरेंसिक साक्ष्य और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। हत्या के पीछे की वास्तविक वजह और वारदात का पूरा घटनाक्रम जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
Author: The Crime 24 News
Faiez Ali Saifi – Editor-in-Chief / Senior Journalist | Place: Ghaziabad, NCR, Uttar Pradesh, India