सुरक्षा, अग्निशमन, यातायात और भीड़ प्रबंधन पर विशेष जोर, CCTV निगरानी से लेकर महिला सुरक्षा तक के दिए निर्देश
||TC24N|| फाईज़ अली सैफी
गाज़ियाबाद। आगामी रामलीला, रावण दहन एवं दुर्गा पूजा आयोजनों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस कमिश्नरेट गाज़ियाबाद की ट्रांस हिंडन जोन पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में शुक्रवार 9 अक्टूबर 2026 को पुलिस उपायुक्त (DCP) ट्रांस हिंडन द्वारा विभिन्न आयोजन समितियों के पदाधिकारियों के साथ गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में आयोजनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, श्रद्धालुओं एवं दर्शकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात व्यवस्था और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस उपायुक्त ने आयोजन समितियों से स्पष्ट रूप से कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा जाए। आयोजक पुलिस और प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करें, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अप्रिय घटना की आशंका को रोका जा सके।
अग्नि सुरक्षा और रावण दहन को लेकर विशेष सतर्कता
बैठक में अग्नि सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। आयोजन स्थलों पर शॉर्ट सर्किट, विद्युत उपकरणों में खराबी अथवा लापरवाही के कारण आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए। आयोजकों को फायर एक्सटिंग्विशर, रेत या बालू तथा अन्य आवश्यक अग्निशमन संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। रामलीला मंचन और रावण दहन के दौरान मंच तथा दर्शकों के बीच पर्याप्त दूरी बनाए रखने, भीड़ को व्यवस्थित रखने और अग्निशमन व्यवस्था को दुरुस्त रखने के निर्देश भी दिए गए। रावण के पुतलों की ऊंचाई निर्धारित नियमों के अनुरूप रखने, आवश्यक पूर्व अनुमति लेने और सुरक्षा मानकों के साथ तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही स्थापना करने पर जोर दिया गया।
भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था पर रहेगा फोकस
धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और दर्शकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए। आयोजक समितियों को पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों (वॉलंटियर्स) की तैनाती करने को कहा गया, ताकि लोगों को सही दिशा में आवागमन कराने, पार्किंग व्यवस्था संभालने और जरूरतमंदों की सहायता करने में सहयोग मिल सके। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग सुनिश्चित करने तथा मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति उत्पन्न न होने देने के निर्देश दिए गए। साथ ही एंबुलेंस, अग्निशमन वाहनों और अन्य आपातकालीन सेवाओं के लिए रास्ते खुले रखने पर विशेष बल दिया गया, जिससे जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किया जा सके।
खाद्य स्टॉल, गैस सिलेंडर और विद्युत उपकरणों की सुरक्षा जरूरी
आयोजन स्थलों पर लगने वाले खाद्य पदार्थों के स्टॉल और फूड वेंडर्स की व्यवस्था को लेकर भी निर्देश दिए गए। आयोजकों से स्टॉलों की उचित जांच और व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने को कहा गया। गैस सिलेंडर, चूल्हों और विद्युत उपकरणों का सुरक्षित इस्तेमाल करने तथा किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने पर जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त अस्थायी ढांचों, झूलों और अन्य मनोरंजन संबंधी संरचनाओं की फिटनेस एवं आवश्यक अनुमतियों की जांच करने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से रात के समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने और सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं करने को कहा गया।
CCTV कैमरों से निगरानी, पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश
आयोजन स्थलों के संवेदनशील स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने और उन्हें लगातार क्रियाशील रखने के निर्देश दिए गए। संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने को कहा गया, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। इसके साथ ही नियमित पुलिस गश्त, सतत निगरानी और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था को मजबूत रखने पर जोर दिया गया। किसी भी अप्रिय घटना या आपात स्थिति में पुलिस, एंबुलेंस और अग्निशमन विभाग के बीच त्वरित समन्वय स्थापित कर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
महिला सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति और ऑपरेशन प्रहार का प्रचार
बैठक में महिला सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई। आयोजन स्थलों पर महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा से संबंधित जागरूकता संदेशों का प्रचार-प्रसार करने तथा मिशन शक्ति और ऑपरेशन प्रहार के तहत जागरूकता संबंधी बैनर एवं पोस्टर लगाने के निर्देश दिए गए। पुलिस का उद्देश्य आयोजनों के दौरान महिलाओं, बालिकाओं और अन्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना हैं।
खोया-पाया केंद्र और साफ-सफाई की व्यवस्था भी जरूरी
भीड़भाड़ वाले आयोजनों में बच्चों के अपने परिजनों से बिछड़ने अथवा लोगों के खो जाने की आशंका को देखते हुए खोया-पाया डेस्क सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए। इसके माध्यम से जरूरतमंद लोगों को सहायता उपलब्ध कराने और बिछड़े हुए बच्चों एवं परिजनों को मिलाने के लिए समुचित व्यवस्था करने पर जोर दिया गया। आयोजन स्थलों और उनके आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, कचरे को एकत्रित करने तथा उसका उचित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त डीजे और ध्वनि विस्तारक उपकरणों का इस्तेमाल निर्धारित समय सीमा के भीतर तथा अनुमन्य ध्वनि स्तर के अनुसार ही करने को कहा गया।
पुलिस उपायुक्त की आयोजक समितियों से अपील
पुलिस उपायुक्त ट्रांस हिंडन ने सभी आयोजन समितियों से अपील की कि वे पुलिस एवं प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखें और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करें। उन्होंने आयोजनों में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं एवं दर्शकों की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, अग्निशमन संसाधनों और आपातकालीन सेवाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरतने पर जोर दिया। पुलिस का उद्देश्य रामलीला, रावण दहन और दुर्गा पूजा जैसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण में संपन्न कराना हैं। इसके लिए आयोजक समितियों, स्वयंसेवकों और संबंधित विभागों का सहयोग महत्वपूर्ण रहेगा। पुलिस ने सभी समितियों से जिम्मेदारी के साथ व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आपात स्थिति की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की हैं।
Author: The Crime 24 News
Faiez Ali Saifi – Editor-in-Chief / Senior Journalist | Place: Ghaziabad, NCR, Uttar Pradesh, India