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गाज़ियाबाद में लूटकांड का बड़ा खुलासा: मुठभेड़ और चेकिंग के दौरान 6 शातिर लुटेरे गिरफ्तार, ₹23 लाख नकद और अवैध हथियार बरामद

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||TC24N|| फाईज़ अली सैफी

गाज़ियाबाद। पुलिस कमिश्नरेट गाज़ियाबाद के ट्रांस हिंडन जोन की SWAT टीम और थाना इंदिरापुरम पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में एक बड़ी लूटकांड का पर्दाफाश करते हुए 6 शातिर लुटेरों को गिरफ्तार किया हैं। पुलिस ने मुठभेड़ और चेकिंग के दौरान आरोपियों के पास से ₹23 लाख नगद, 2 अवैध तमंचे, 2 खोखा कारतूस, 2 जिंदा कारतूस, और एक मोटर साइकिल बरामद की हैं।

लूट की घटना का घटनाक्रम:

एडिशनल सीपी अपराध एवं कानून आलोक प्रियदर्शी के अनुसार, 14 जुलाई 2025 की रात, वादी प्रवेश विश्नोई अपनी स्कूटी से क्लाउड 9 सोसाइटी (कनावनी) स्थित ग्रोसरी की दुकान बंद कर अपने घर प्रताप विहार लौट रहे थे। रास्ते में कनावनी पुस्ता रोड पर पीछे से आए बाइक सवार तीन अज्ञात बदमाशों ने उन्हें धक्का देकर गिराया और उनके पास से रुपयों से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। इस संबंध में थाना इंदिरापुरम पर धारा 309(4) BNS के अंतर्गत केस दर्ज किया गया था।

पुलिस मुठभेड़ और गिरफ्तारी:

16-17 जुलाई 2025 की रात को SWAT टीम और इंदिरापुरम पुलिस ने सर्विलांस व मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ में तीन बदमाशों को धर दबोचा, जिनकी पहचान मुकुल पुत्र नेपाल सिंह, सुरेन्द्र उर्फ सुलेन्द्र पुत्र सुक्कन और आकाश पुत्र राजा के रूप में हुई हैं। इनके पास से ₹5 लाख नगद, अवैध हथियार और घटना में प्रयुक्त मोटर साइकिल बरामद हुई हैं।

दूसरी कार्रवाई – 3 और लुटेरे गिरफ्तार:

17 जुलाई 2025 को मुखबिर की सूचना पर छिजारसी कट के पास जंगल की ओर जाने वाले रास्ते पर चेकिंग के दौरान तीन और आरोपी पकड़े गए, जिनकी पहचान नितेश पुत्र भगवानदास, विवेक पुत्र धर्मवीर और विशाल पुत्र नेमपाल सिंह के रूप में हुई हैं। इनके पास से ₹18 लाख नगद बरामद किया गया, जो लूट की रकम का हिस्सा था।

पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे: मुख्य आरोपी मुकुल और नितेश, वादी प्रवेश विश्नोई की दुकान में ही काम करते थे और उन्हें नियमित रूप से बड़ी रकम ले जाने की जानकारी थी। • इन्होंने अपने साथियों को यह सूचना दी और कुल 11 लोगों की गैंग ने लूट की पूरी योजना बनाई। • सभी बदमाश अलग-अलग रास्तों पर खड़े होकर वादी की रैकी कर रहे थे। • वारदात के बाद सभी आरोपी नोएडा स्थित विशाल के किराए के मकान पर पहुंचे और पैसे बांटकर फरार हो गए।

पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ:

पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ कि वादी की दुकान में काम कर चुके मुकुल और नितेश ने ही घटना की साजिश रची थी। दोनों को पता था कि विश्रोई भारी कैश लेकर चलते हैं। उन्होंने 8 अन्य साथियों- सचिन, आकाश, सुनील, मनप्रीत, विवेक, विशाल, परवेश, सुरेन्द्र- को शामिल कर पूरी प्लानिंग के साथ लूट को अंजाम दिया।

अपराधिक इतिहास: सुरेन्द्र उर्फ सुलेन्द्र के विरुद्ध कुल 13 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं (गाज़ियाबाद, नोएडा और बुलन्दशहर में), मुकुल के विरुद्ध 12 मुकदमे, आकाश के विरुद्ध 4 मुकदमे, विवेक, विशाल और नितेश के विरुद्ध भी लूट व चोरी से संबंधित केस दर्ज हैं।

निष्कर्ष:

गाज़ियाबाद पुलिस की तत्परता, खुफिया सूचना और तेज़ कार्रवाई ने न केवल एक बड़े लूटकांड को सुलझाया, बल्कि एक संगठित गिरोह को भी बेनकाब कर दिया हैं। पुलिस द्वारा अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी हैं।

The Crime 24 News
Author: The Crime 24 News

Faiez Ali Saifi – Editor-in-Chief / Senior Journalist | Place: Ghaziabad, NCR, Uttar Pradesh, India

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