गाज़ियाबाद यातायात पुलिस की कार्यकुशलता और जन-सुरक्षा पर जोर, 9 सब-जोन से लेकर ITMS तक आधुनिक व्यवस्था मजबूत

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20 स्मार्ट ट्रैफिक बूथ, AC हेलमेट, 500 से अधिक ट्रैफिक वॉलंटियर्स और 870 CCTV कैमरों के जरिए यातायात व्यवस्था को बनाया जा रहा अधिक प्रभावी

||TC24N|| फाईज़ अली सैफी

गाज़ियाबाद। यूपी के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले गाज़ियाबाद में लगातार बढ़ते यातायात दबाव, बढ़ती आबादी, जाम और सड़क दुर्घटनाओं जैसी चुनौतियों के बीच कमिश्नरेट गाज़ियाबाद यातायात पुलिस द्वारा यातायात व्यवस्था को सुरक्षित, सुचारू और आधुनिक बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य किया जा रहा हैं। पुलिस आयुक्त के मार्गदर्शन में तकनीक, प्रशासनिक सुधार, जन-जागरूकता और विभिन्न विभागों के समन्वय के माध्यम से यातायात प्रबंधन को मजबूत किया जा रहा हैं। यातायात पुलिस का उद्देश्य राहगीरों और वाहन चालकों को सुरक्षित, भयमुक्त एवं बाधारहित आवागमन का वातावरण उपलब्ध कराना हैं। इसी दिशा में शहर की यातायात व्यवस्था को माइक्रो लेवल तक प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं।

1. तीन जोन और 9 सब-जोन में यातायात प्रबंधन

गाज़ियाबाद कमिश्नरेट में यातायात व्यवस्था को पहले की तुलना में अधिक प्रभावी बनाने के लिए 6 सब-जोन को बढ़ाकर 9 सब-जोन किया गया हैं। संपूर्ण क्षेत्र को तीन मुख्य जोन में विभाजित किया गया हैं, जिनकी जिम्मेदारी सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) स्तर के अधिकारियों के पास हैं। वहीं, प्रत्येक सब-जोन में यातायात निरीक्षक की नियुक्ति की गई हैं। यातायात निरीक्षक संबंधित ACP के मार्गदर्शन में अपने क्षेत्र में रोजाना यातायात व्यवस्था, जाम नियंत्रण और आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करते हैं। सभी 9 सब-जोन में यातायात निरीक्षकों के लिए कार्यालय बनाए जा रहे हैं। इनमें से 8 सब-जोन कार्यालयों का निर्माण पूरा होकर संचालन शुरू हो चुका हैं, जबकि एक कार्यालय का निर्माण अंतिम चरण में हैं।

2. NHAI के सहयोग से 20 स्मार्ट ट्रैफिक बूथ

गाज़ियाबाद की गर्मी, सर्दी और प्रतिकूल मौसम में सड़क पर ड्यूटी करने वाले यातायात पुलिसकर्मियों की सुविधा और कार्यक्षमता को ध्यान में रखते हुए NHAI द्वारा 20 आधुनिक स्मार्ट ट्रैफिक बूथ उपलब्ध कराए गए हैं। इन बूथों में बिजली, पंखे, शुद्ध पेयजल और बैठने की सुविधा उपलब्ध कराई गई हैं। इन्हें प्रमुख चौराहों, राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़े स्थानों और अधिक यातायात दबाव वाले क्षेत्रों में स्थापित किया गया हैं। पुलिस के अनुसार, इन सुविधाओं से यातायात कर्मियों को प्रतिकूल मौसम में भी ड्यूटी करने में सुविधा मिलेगी और वे सड़क पर अधिक प्रभावी ढंग से यातायात नियंत्रण कर सकेंगे।

3. यातायात पुलिसकर्मियों को AC हेलमेट

भीषण गर्मी में सड़क पर ड्यूटी करने वाले यातायात पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य और सुविधा को ध्यान में रखते हुए AC हेलमेट/टेम्परेचर कंट्रोल डिवाइस उपलब्ध कराए गए हैं। इनका उद्देश्य गर्मी और तेज धूप के दौरान पुलिसकर्मियों को राहत प्रदान करना तथा लंबे समय तक सड़क पर ड्यूटी के दौरान उनकी सतर्कता एवं कार्यक्षमता बनाए रखना हैं। यातायात पुलिस की यह पहल पुलिसकर्मियों के कल्याण के साथ आधुनिक पुलिसिंग की दिशा में भी एक कदम के रूप में सामने आई है।

4. स्कूल-कॉलेजों में सड़क सुरक्षा जागरूकता

यातायात नियमों के प्रति युवाओं को जागरूक करने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में सड़क सुरक्षा कार्यशालाएं, सेमिनार और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विद्यार्थियों को बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस वाहन नहीं चलाने, ISI मार्क हेलमेट एवं सीट बेल्ट का इस्तेमाल करने, ओवरस्पीडिंग और स्टंट ड्राइविंग से बचने तथा जेब्रा क्रॉसिंग और ट्रैफिक सिग्नल का पालन करने के लिए जागरूक किया जा रहा हैं। विद्यार्थियों को स्वयं यातायात नियमों का पालन करने के साथ परिवार और आसपास के लोगों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया जाता हैं।

ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को भी जागरूकता

व्यस्त चौराहों और प्रमुख ऑटो-ई-रिक्शा स्टैंडों पर चालकों के साथ बैठक कर उन्हें निर्धारित स्थान पर वाहन खड़ा करने, ओवरलोडिंग से बचने और अनुशासित ढंग से वाहन चलाने के लिए जागरूक किया जा रहा हैं।

5. ITMS से 24 घंटे निगरानी, रोजाना 4 हजार से अधिक ई-चालान

गाज़ियाबाद में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के माध्यम से तकनीक आधारित यातायात निगरानी की जा रही हैं। पुलिस के अनुसार, शहर के 41 प्रमुख स्थानों पर 870 CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे 24 घंटे यातायात की निगरानी की जाती हैं। HD कैमरों में ANPR तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की पहचान कर ई-चालान की प्रक्रिया की जाती हैं और वाहन मालिक को SMS के माध्यम से सूचना भेजी जाती हैं। यातायात पुलिस के अनुसार, ITMS के माध्यम से वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 4,000 से अधिक ई-चालान किए जा रहे हैं तथा अब तक 10 लाख से अधिक चालान किए जा चुके हैं। रेड लाइट जंपिंग, बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने जैसे यातायात उल्लंघनों पर विशेष निगरानी रखी जा रही हैं।

6. ‘दो गज दूरी’ अभियान से अतिक्रमण पर कार्रवाई

सड़कों को अतिक्रमण मुक्त और यातायात के लिए सुगम बनाने के उद्देश्य से ‘दो गज दूरी’ विशेष अभियान चलाया जा रहा हैं। मुख्य चौराहों, बाजारों, ऑटो-ई-रिक्शा स्टैंड और प्रमुख मार्गों पर अवैध अतिक्रमण तथा अनधिकृत पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई की जा रही हैं। सड़कों और फुटपाथों पर दुकानों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा फैलाए गए सामान को हटवाने के साथ वाहनों की अनधिकृत पार्किंग पर भी कार्रवाई की जा रही हैं। पुलिस के अनुसार, इससे सड़क किनारे सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने और यातायात के संकरे हिस्सों को कम करने में मदद मिल रही हैं।

7. सप्ताहांत पर ड्रंक एंड ड्राइव और अवैध हूटर-सायरन के खिलाफ अभियान

हर शनिवार और रविवार को यातायात पुलिस द्वारा विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा हैं। इसमें ड्रंक एंड ड्राइव, अवैध हूटर, सायरन और प्रेशर हॉर्न के खिलाफ कार्रवाई पर विशेष जोर हैं। प्रमुख चौराहों, होटल, बार और मुख्य मार्गों के आसपास ब्रेथ एनालाइजर के साथ टीमों की तैनाती की जाती हैं। इसके अलावा निजी वाहनों पर अनधिकृत हूटर, सायरन, लाल-नीली बत्ती और प्रेशर हॉर्न मिलने पर उन्हें हटवाने के साथ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही हैं।

8. 500 से अधिक ट्रैफिक वॉलंटियर्स की तैनाती

जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए गाजियाबाद में 500 से अधिक Traffic Volunteer Force (TVF) की व्यवस्था की गई हैं। इन वॉलंटियर्स को उनकी शैक्षणिक योग्यता, तकनीकी दक्षता, रुचि और क्षमता के आधार पर अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं।

ट्रैफिक मैनेजमेंट टीम — 495 सदस्य

व्यस्त चौराहों, बॉटलनेक, स्कूल-कॉलेज जोन और पीक आवर्स में यातायात पुलिस के साथ मिलकर यातायात संचालन में सहयोग।
ब्रेन स्टॉर्मिंग एवं R&D टीम — 19 सदस्य
जाम वाले स्थानों का अध्ययन, ट्रैफिक फ्लो से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण और यातायात सुधार के लिए सुझाव।

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर टीम — 10 सदस्य

सोशल मीडिया, रील्स और डिजिटल कंटेंट के माध्यम से सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों की जानकारी लोगों तक पहुंचाना।

ट्रैफिक अवेयरनेस टीम — 10 सदस्य

स्कूल, कॉलेज, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक स्थानों पर सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना।

9. Zero Fatality District अभियान

सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और मानव जीवन की सुरक्षा के उद्देश्य से Zero Fatality District (ZFD) अभियान के तहत भी कार्य किया जा रहा हैं। गाज़ियाबाद के 10 प्रमुख थानों में CCT टीमों का गठन किया गया हैं। प्रत्येक टीम का प्रभारी सब-इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी को बनाया गया हैं। टीमें दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और ब्लैक स्पॉट का अध्ययन कर रही हैं। सड़क डिजाइन, प्रकाश व्यवस्था, अवैध कट, साइनेज और अन्य कमियों को चिन्हित कर संबंधित विभागों के साथ समन्वय से सुधार की कार्रवाई की जा रही हैं। गलत दिशा में वाहन चलाना, बिना हेलमेट या सीट बेल्ट वाहन चलाना और ड्रंक एंड ड्राइव जैसे उल्लंघनों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही हैं। दुर्घटना की स्थिति में गोल्डन ऑवर को ध्यान में रखते हुए पुलिस और एंबुलेंस रिस्पॉन्स को तेज करने पर जोर दिया जा रहा हैं।

10. रक्षाबंधन पर महिलाओं को पिंक हेलमेट

महिला सुरक्षा और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रक्षाबंधन के अवसर पर हापुड़ चुंगी चौराहे पर दोपहिया वाहन चलाने वाली और पीछे बैठने वाली महिलाओं एवं युवतियों को पिंक हेलमेट वितरित किए गए। इस पहल के माध्यम से महिलाओं को हेलमेट के नियमित इस्तेमाल के लिए जागरूक किया गया। यातायात पुलिस ने दोपहिया वाहन चलाते या पीछे बैठते समय मानक हेलमेट पहनने का संदेश दिया।

11. दैनिक ट्रैफिक अपडेट बुलेटिन से मिलती है रियल-टाइम जानकारी

गाज़ियाबाद यातायात पुलिस द्वारा नागरिकों और दैनिक यात्रियों के लिए Daily Traffic Update Bulletin जारी किया जाता हैं। सोशल मीडिया एवं डिजिटल माध्यमों के जरिए प्रमुख चौराहों, हाईवे और बॉटलनेक की यातायात स्थिति की जानकारी साझा की जाती हैं। VVIP मूवमेंट, धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम, जलभराव, सड़क मरम्मत अथवा अन्य परिस्थितियों में रूट डायवर्जन और वैकल्पिक मार्गों की जानकारी भी दी जाती हैं। विशेष रूप से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे (DME), NH-9, मोहन नगर, यूपी गेट, हापुड़ चुंगी और राजनगर एक्सटेंशन जैसे प्रमुख मार्गों पर यातायात स्थिति की जानकारी यात्रियों के लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं।

यातायात पुलिस से संपर्क

यातायात पुलिस X हैंडल: @Gzbtrafficpol
यातायात पुलिस कंट्रोल रूम:9643322904

निष्कर्ष

गाज़ियाबाद में बढ़ते यातायात दबाव के बीच कमिश्नरेट यातायात पुलिस द्वारा प्रशासनिक पुनर्गठन, तकनीक आधारित निगरानी, सड़क सुरक्षा जागरूकता, अतिक्रमण नियंत्रण, ट्रैफिक वॉलंटियर व्यवस्था और दुर्घटना रोकथाम जैसे विभिन्न स्तरों पर कार्य किया जा रहा हैं। 9 सब-जोन की व्यवस्था, 20 स्मार्ट ट्रैफिक बूथ, AC हेलमेट, 500 से अधिक ट्रैफिक वॉलंटियर्स तथा 870 CCTV कैमरों वाले ITMS जैसे उपायों के जरिए यातायात प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित और तकनीक आधारित बनाने का प्रयास किया जा रहा हैं।

The Crime 24 News
Author: The Crime 24 News

Faiez Ali Saifi – Editor-in-Chief / Senior Journalist | Place: Ghaziabad, NCR, Uttar Pradesh, India

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